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निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखने होंगे चार बेड, ये है बड़ी वजह

Thu, 20 Aug 2020 04:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को चार बेड रिजर्व रखने का निर्देश दिया है। इमरजेंसी में आने वाले मरीज की जांच में अगर उसे कोरोना की पुष्टि होती है, तो मरीज को भर्ती करना होगा। इसके बाद इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग बाद में यह तय करेगा की उसका इलाज कहां किया जाना है।

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जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस वजह से विभाग की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उस पर निजी अस्पताल इमरजेंसी से गंभीर मरीजों को वापस कर मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। यही वजह है कि अब विभाग ने निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिया है कि इमरजेंसी सेवा में चार बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखे जाएं। बड़े अस्पताल बेडों की संख्या छह भी कर सकते हैं।

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50 से अधिक अस्पतालों को दिए गए हैं एंटीजन किट

प्रभारी सीएमओ डॉ. नंद कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों को चार बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखने के निर्देश दिए गए हैं। कोविड के मरीज मिलने पर इन बेडों का इस्तेमाल करते हुए मरीजों को आइसोलेट करने को कहा गया है। कोई भी निजी अस्पताल इमरजेंसी में इलाज से मना नहीं करेगा। अगर ऐसा कोई करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

निजी अस्पतालों की इमरजेंसी में मरीजों की कोरोना जांच के लिए 50 से अधिक अस्पतालों को एंटीजन किट उपलब्ध कराया गया है। इस किट के जरिए इमरजेंसी में अस्पताल मरीजों की जांच कर सकते हैं। लेकिन कई अस्पताल एंटीजन किट का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से इमरजेंसी में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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