उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को चार बेड रिजर्व रखने का निर्देश दिया है। इमरजेंसी में आने वाले मरीज की जांच में अगर उसे कोरोना की पुष्टि होती है, तो मरीज को भर्ती करना होगा। इसके बाद इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। मरीज की स्थिति को देखते हुए विभाग बाद में यह तय करेगा की उसका इलाज कहां किया जाना है।
जिले में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस वजह से विभाग की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। उस पर निजी अस्पताल इमरजेंसी से गंभीर मरीजों को वापस कर मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। यही वजह है कि अब विभाग ने निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश दिया है कि इमरजेंसी सेवा में चार बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व रखे जाएं। बड़े अस्पताल बेडों की संख्या छह भी कर सकते हैं।