गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर, सहबाजगंज निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में गुलरिहा पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर लिया। देवरिया जिले के गौरीबाजार,अर्जुनडीहा निवासी पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह ने ही कृष्ण मोहन सिंह का परिचय बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह से कराया था और 16 लाख रुपये की डील तय कराई थी।
लेन-देन का साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने मामले में भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा बढ़ा दी है। साथ ही विवेचना अब सीओ गोरखनाथ करेंगे। कुशीनगर जनपद के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में परिवार के साथ रहते थे।
वह देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। 21 फरवरी की रात उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। खुदकुशी से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, बाबू संजीव सिंह और पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह पर 16 लाख रुपये लेने और लगातार उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे।
22 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह की पत्नी गुड़िया की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर गुलरिहा थाना पुलिस ने जांच की तो पता चला कि अनिरुद्ध सिंह ने ही कृष्ण मोहन सिंह, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह का परिचय बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह से कराया था।
आरोप है कि उसने ही तीनों शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की डील तय कराई थी। सुसाइड नोट में कृष्ण मोहन ने लिखा था कि अनिरुद्ध सिंह ने ही उन्हें बीएसए कार्यालय ले जाकर संजीव से मिलवाया और पैसे के सौदे में मध्यस्थता की।
पूर्व प्रधानाचार्य को दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। निलंबित बीएसए व लिपिक संजीव सिंह की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी