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महिला डॉक्टर से छेड़छाड़: 4 दिन में चार्जशीट दाखिल, आरोपियों पर बढ़ी नस्लीय टिप्पणी की धारा

Sat, 28 Feb 2026 02:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

पीड़ित महिला डॉक्टर का बुधवार को बयान दर्ज नहीं हो पाया था। इसके बाद पुलिस बृहस्पतिवार को डॉक्टर को लेकर कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने पहुंची थी। कोर्ट में पीड़ित डॉक्टर का बयान दर्ज कर लिया गया था। डॉक्टर ने खुद के साथ हुई घटना का विस्तृत जिक्र किया। धारा बढ़ने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस ने मामले में जेल भेजे गए तीनों आरोपियों का एससी एसटी की धारा में भी रिमांड ले लिया है, अब बढ़ी धारा में भी रिमांड लिया जाएगा।
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घटना के बाद डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया
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विस्तार
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एम्स की महिला डॉक्टर का डेढ़ किलोमीटर तक पीछा कर छेड़खानी मामले में पुलिस ने डॉक्टर के दिए गए बयान के आधार पर नस्लीय टिप्पणी की धारा बढ़ाते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। महज चार दिन में साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल करने वाली पुलिस अब कोर्ट में फास्ट ट्रायल व आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पैरवी भी करेगी।

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समय से गवाही व साक्ष्य प्रस्तुति की मॉनिटरिंग खुद सीओ कैंट योगेंद्र सिंह करेंगे, वही इस केस के विवेचक भी हैं। बृहस्पतिवार को कोर्ट में पीड़िता का बयान दर्ज कराया गया था। कोर्ट में दिए गए बयान की एक कॉपी पुलिस को मिली, जिसका अवलोकन करने के बाद पुलिस ने नस्लीय टिप्पणी की धारा बढ़ा दी। 

वहीं, इस प्रकरण में साक्ष्यों के साथ ही चार्जशीट दाखिल कर दिया गया। चार्जशीट के बाद अब पुलिस कोर्ट में सजा के लिए पैरवी करेगी, ताकि आरोपियों को जल्द व सख्त सजा मिल सके। दरअसल, एम्स की महिला डॉक्टर से छेड़खानी और नस्लीय टिप्पणी के मामले में पुलिस ने एससी-एसटी की धारा बढ़ा दी थी।

पीड़ित महिला डॉक्टर का बुधवार को बयान दर्ज नहीं हो पाया था। इसके बाद पुलिस बृहस्पतिवार को डॉक्टर को लेकर कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराने पहुंची थी। कोर्ट में पीड़ित डॉक्टर का बयान दर्ज कर लिया गया था। डॉक्टर ने खुद के साथ हुई घटना का विस्तृत जिक्र किया।

धारा बढ़ने के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस ने मामले में जेल भेजे गए तीनों आरोपियों का एससी एसटी की धारा में भी रिमांड ले लिया है, अब बढ़ी धारा में भी रिमांड लिया जाएगा।

यह है पूरा मामला
22 फरवरी की रात करीब आठ बजे उत्तर पूर्व के एक राज्य की रहने वाली एम्स की महिला डॉक्टर अपने साथी एमबीबीएस छात्र के बाइक से मोहद्दीपुर स्थित मॉल गई थीं। मॉल में ही तीनों युवक उसके पीछे पड़ गए थे। उन्हें पीछा करता देख डॉक्टर ने आपत्ति जताते हुए अंग्रेजी में ही डांट दिया था।

इसके बाद ही तीनों पीछे पड़ गए और साथी डॉक्टर के साथ मॉल से निकलते ही तीनों छींटाकशी करने लगे। बाइक सवार तीन युवकों ने उन पर अभद्र और नस्लीय टिप्पणी शुरू कर दी। करीब डेढ़ किलोमीटर तक डॉक्टर का पीछा कर तीनों एम्स के गेट नंबर दो तक पहुंच गए थे।
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वहां पर विरोध जताने पर एक आरोपी ने शर्ट उतारकर बैड टच किया और जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।

पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में नस्लीय टिप्पणी की धारा बढ़ा दी गई है। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दिया गया है। पुलिस कोर्ट से सजा दिलाने के लिए पैरवी करेगी: योगेंद्र सिंह, सीओ कैंट
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