आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि वे मांग के अनुसार नकली नोट छापते थे। पहले से नोट छापकर नहीं रखते थे। इससे उन्हें पकड़े जाने का डर था। हालांकि, सजगता के बावजूद पुलिस उन तक पहुंच गई। आरोपियों ने बताया कि जब ग्राहक नोट लेने के लिए तैयार हो जाते थे, तब उतने ही नोट छापते थे।
तीन आरोपियों को जेल भेजने के बाद से पुलिस अन्य की तलाश में लगी थी। सोमवार को वांछित चल रहे विक्रम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया।
ठगी के धंधे को चमकाने में फंसे थे धंधेबाज
पुलिस के अनुसार, ये लोग नकली नोट के धंधे को छह साल से चला रहे थे। देवरिया के जग्गा के पकड़े जाने के बाद कुछ दिनों तक धंधा बंद कर दिए थे। इस बीच वे ठगी करने लगे थे।
ठगी के धंधे को चमकाने के चक्कर में एक वीडियो भी बनाया गया, जिसमें काले रंग के कागज से केमिकल की मदद से नोट बनाने की बात कही गई। उस वीडियो को चांद मोहम्मद ने बनाया था। यह खूब वायरल हुआ था। यही वायरल वीडियो पुलिस के हाथ लगा। इसके बाद पुलिस उन तक पहुंच पाई।
एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने कहा कि नकली नोट के गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को जेल भिजवा दिया था। एक और आरोपी विक्रम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। केस की विवेचना की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।