- घटनास्थल पर कैसे और क्या साक्ष्य लेना चाहिए, इसकी जानकारी होगी।
- महिलाओं के साथ होने वाले अपराध में यह भूमिका और बढ़ जाती है।
- नमूनों को कैसे संरक्षित किया जाता है, बारीकी से समझेंगे।
- वारदात के बाद घटनास्थल पर किन-किन बिंदुओं पर जांच करनी चाहिए।
- मौका-ए-वारदात पर घटना के हिसाब से मौजूद लोगों व घरवालों से क्या सवाल पूछना चाहिए।
- डूबने, हैंगिंग या फिर हत्या के बाद शव को लटकाया गया, इसे कैसे मौके पर ही समझ लें।
- वारदात के हिसाब से ही मौके पर साक्ष्य जुटाना, फिर क्या जांच को भेजना चाहिए।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि फोरेंसिक प्रशिक्षण के लिए एम्स के मेडिको लीगल विभाग से करार हुआ है। सहमति बन गई है, हर शनिवार व रविवार को तीस-तीस दरोगाओं को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। उनका प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अगला बैच भेजा जाएगा। इससे दरोगा कई बारीकियों को सीख लेंगे, जिसका फायदा विवेचना में भी मिलेगा।