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लेवाना सुइट्स अग्निकांड: गोरखपुर रेलवे स्टेशन रोड के होटलों में मिली कई कमियां, जारी होगा नोटिस

Wed, 07 Sep 2022 11:31 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

अग्निशमन अधिकारी बृजमोहन सिंह ने बताया कि उनके अलावा राजमंगल सिंह और परमानंद पांडेय तथा दीवान अफरोज के नेतृत्व में अलग-अलग चार टीमों ने 36 होटल तथा 12 हास्पिटल की जांच की। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन रोड के होटलों की जांच की गई है। जितने भी छोटे-छोटे होटल हैं, उसमें कई कमियां मिली हैं। बाहर निकलने का रास्ता एक ही है।
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गोरखपुर होटल में जांच करते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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लखनऊ के एक अवैध होटल में आग से तबाही के बाद गोरखपुर में अग्निशमन विभाग की टीमों ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन के होटलों की जांच की। कई होटल ऐसे मिले, जहां पर एक ही रास्ता है। अगर, वहां आग लगी तो लोग बाहर ही नहीं निकल पाएंगे। छोटे होटलों की जांच में कई कमियां मिलने के बाद अब विभाग की ओर से नोटिस देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। टीम ने मंगलवार को 36 होटल और 12 हॉस्पिटल की जांच की है।

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जानकारी के मुताबिक, अग्निशमन विभाग की सात अलग-अलग टीमें जांच कर रही हैं। इस दौरान मौजूद कर्मचारियों को आग लगने पर बचने के उपाय भी बताए जा रहे हैं। मंगलवार को होटल और हॉस्पिटल दोनों को जांच केंद्र में रखा गया था। मंगलवार को सात टीमें जांच के लिए निकली थीं।

अग्निशमन अधिकारी बृजमोहन सिंह ने बताया कि उनके अलावा राजमंगल सिंह और परमानंद पांडेय तथा दीवान अफरोज के नेतृत्व में अलग-अलग चार टीमों ने 36 होटल तथा 12 हास्पिटल की जांच की। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन रोड के होटलों की जांच की गई है। जितने भी छोटे-छोटे होटल हैं, उसमें कई कमियां मिली हैं। बाहर निकलने का रास्ता एक ही है।
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कई होटल में अगर चार-पांच की संख्या में फायर एक्सटिंग्विशर मिले तो उसमें आधे खराब थे। बृजमोहन सिंह ने बताया कि जांच के दौरान फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया है। जांच में जो भी कमियां मिली हैं, उन्हें सुधारने के लिए नोटिस दिया जाएगा।

 

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शहर के होटल, मॉल, कांप्लेक्स और हॉस्पिटल में जांचे जाएंगे सुरक्षा के इंतजाम

लखनऊ के होटल में आग लगने की घटना के बाद शहर के भी होटल, मॉल, नर्सिंग होम, व्यावसायिक कांप्लेक्स समेत सभी बड़े व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा इंतजामों की जांच की जाएगी। डीएम कृष्णा करुणेश ने इसके लिए एडीएम सिटी विनीत सिंह की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित की है।

कमेटी को 20 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह डीएम के निर्देश पर जीडीए यह जांच करेगा कि इन सभी भवनों के मानचित्र स्वीकृत है या नहीं। साथ ही यह भी कि मानचित्र की अनदेखी कर तो निर्माण नहीं कराया गया।

डीएम ने बताया कि यह कमेटी भवन के मानचित्र, सेटबैक, पार्किंग, अग्निशमन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा जैसे मानकों की जांच करेगी। इस टीम में नगर मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, द्वितीय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उप निदेशक विद्युत सुरक्षा एवं बिजली निगम के मुख्य अभियंता शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि  सभी व्यावसायिक भवनों की सघनता से जांच की जाएगी। जांच में जहां कमी मिलेगी, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि इसी तरह सभी व्यावसायिक भवनों के मानचित्र की जांच के लिए जीडीए को पत्र लिखा गया है। प्राधिकरण से भी 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

जीडीए प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि उपाध्यक्ष ने कहा कि डीएम का पत्र मिल गया है। सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के व्यावसायिक भवनों की सघन जांच कर 10 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांच कर यह देखा जाएगा कि संबंधित इमारतों के मानचित्र स्वीकृत हैं या नहीं।
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