लखनऊ के होटल में आग लगने की घटना के बाद शहर के भी होटल, मॉल, नर्सिंग होम, व्यावसायिक कांप्लेक्स समेत सभी बड़े व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा इंतजामों की जांच की जाएगी। डीएम कृष्णा करुणेश ने इसके लिए एडीएम सिटी विनीत सिंह की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित की है।
कमेटी को 20 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसी तरह डीएम के निर्देश पर जीडीए यह जांच करेगा कि इन सभी भवनों के मानचित्र स्वीकृत है या नहीं। साथ ही यह भी कि मानचित्र की अनदेखी कर तो निर्माण नहीं कराया गया।
डीएम ने बताया कि यह कमेटी भवन के मानचित्र, सेटबैक, पार्किंग, अग्निशमन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा जैसे मानकों की जांच करेगी। इस टीम में नगर मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट प्रथम, द्वितीय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, उप निदेशक विद्युत सुरक्षा एवं बिजली निगम के मुख्य अभियंता शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी व्यावसायिक भवनों की सघनता से जांच की जाएगी। जांच में जहां कमी मिलेगी, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसी तरह सभी व्यावसायिक भवनों के मानचित्र की जांच के लिए जीडीए को पत्र लिखा गया है। प्राधिकरण से भी 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
जीडीए प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि उपाध्यक्ष ने कहा कि डीएम का पत्र मिल गया है। सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता एवं अवर अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों के व्यावसायिक भवनों की सघन जांच कर 10 दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांच कर यह देखा जाएगा कि संबंधित इमारतों के मानचित्र स्वीकृत हैं या नहीं।