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Gorakhpur News: गोरखपुर की मिट्टी के गहनों पर आया विदेशियों का दिल, सात समंदर पार पहुंचा गांव की महिलाओं का हुनर

Sun, 27 Sep 2026 03:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। गांव की मिट्टी को गोरखपुर की महिलाओं ने अपने हुनर से खूबसूरत गहनों में बदल दिया है। पिपराइच विकास खंड के नैय्यापार बुजुर्ग गांव की महिलाओं की ओर से तैयार टेराकोटा आर्टिफिशियल ज्वेलरी अब विदेशी मेहमानों के मन को भी भा रही है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगे जीवनदायिनी स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर शनिवार को वियतनाम के एक दंपती ने तीन हजार रुपये और बेलारूस की एक महिला ने दो हजार रुपये की ज्वेलरी खरीदी।
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विदेशी मेहमानों ने उत्पाद की डिजाइन और कारीगरी की भी सराहना की। जीवनदायिनी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष मीरा पाल ने बताया कि ट्रेड शो के दूसरे दिन ही विदेशी खरीदारों ने पांच हजार रुपये के उत्पाद खरीदे। कई अन्य विदेशी महिलाओं ने भी स्टॉल पर पहुंचकर टेराकोटा ज्वेलरी को देखा और इसके तैयार होने की प्रक्रिया की जानकारी ली।
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11 महिलाओं के हुनर को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच
जीवनदायिनी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 11 महिलाएं मिट्टी से आकर्षक ज्वेलरी तैयार करती हैं। अमिता, हेमलता, अंजली, तनिष्का, मीना, रंजना समेत समूह की अन्य महिलाएं इस काम में जुटी हैं। सरकारी सहयोग से इनके पारंपरिक हुनर को बाजार मिला। गोरखपुर के टेराकोटा उत्पाद को ‘एक जिला, एक उत्पाद’ में शामिल किया गया है। साथ ही इसे जीआई टैग भी मिल चुका है। अब अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी ने ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद को नई पहचान दी है।
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मिट्टी से भट्ठी तक..फिर बनता है खूबसूरत गहना

टेराकोटा ज्वेलरी प्राकृतिक चिकनी मिट्टी से तैयार की जाती है। पहले मिट्टी को गूंथकर तैयार किया जाता है। इसके बाद अलग-अलग आकार और डिजाइन दिए जाते हैं। औजारों से बारीक नक्काशी करने के बाद इन्हें सुखाया जाता है और भट्ठी में पकाया जाता है। पकने के बाद गहनों पर आकर्षक रंग और पेंटिंग की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद साधारण मिट्टी नेकलेस, झुमके, बालियां, चूड़ियां, कंगन और ट्रेंडी ब्रेसलेट का रूप ले लेती है। प्राकृतिक मिट्टी से तैयार होने के कारण ये आभूषण पर्यावरण के अनुकूल हैं। ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों की पसंद ने नैय्यापार बुजुर्ग की महिलाओं को यह भरोसा दिया है कि गांव की मिट्टी और हुनर को अब देश ही नहीं, विदेश में भी बाजार मिल सकता है।
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