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यूपी: गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से शशांक तक पहुंचते थे विदेशी असलहे, राजस्थान और नेपाल बॉर्डर पर मिली लोकेशन

Mon, 21 Sep 2026 02:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच में एसटीएफ को बड़ी कड़ी मिली है। शशांक पांडेय उर्फ पंडित को विदेशी असलहे गोल्डी बराड़ के नेटवर्क से मिलने की जानकारी सामने आई है। एसटीएफ ने राजस्थान पुलिस से संपर्क कर दबिश तेज कर दी है। वहीं इस नेटवर्क के 4 गुर्गों की लोकेशन नेपाल सीमा पर मिली है।
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शशांक पांडेय के नाम से इंस्टा आईडी - फोटो : स्त्रोत- एसटीएफ सूत्र
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विस्तार
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लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े बताए जा रहे असलहा तस्करी नेटवर्क की जांच में एसटीएफ को नई कड़ी मिली है। जांच में शशांक पांडेय को गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के जरिये विदेशी असलहे मिलने की जानकारी सामने आई है। शशांक की लोकेशन राजस्थान में मिलने के बाद एसटीएफ ने वहां की पुलिस से संपर्क किया है।

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टीम उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। वहीं, नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों की लोकेशन नेपाल सीमा के पास मिलने के बाद वहां भी तलाश तेज कर दी गई है।

एसटीएफ की जांच में पता चला कि मूलरूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के मैनाटाड़ थाना क्षेत्र के चुठहा गांव निवासी शशांक पांडेय उर्फ पंडित को विदेशी असलहे उपलब्ध कराने वाले संपर्कों की कड़ियां गोल्डी बराड़ नेटवर्क तक पहुंचने की बात सामने आई है। एसटीएफ यह पता कर रही है कि असलहों की खेप किस रास्ते से भारत पहुंचती थी और यहां उसे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

इसके लिए आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया संपर्क और आपसी बातचीत की भी पड़ताल की जा रही है। जांच का दायरा मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के साथ नेपाल सीमा तक फैल गया है। एसटीएफ अलग-अलग टीमों के जरिए संदिग्धों के ठिकानों और उनके संपर्कों को खंगाल रही है।

जांच में गोल्डी बराड़ के सहयोगी बताए जाने वाले रोहित गोदारा से जुड़े संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एसटीएफ का फोकस अब नेटवर्क के स्थानीय सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ विदेशी असलहों की आपूर्ति की पूरी कड़ी तक पहुंचने पर है।

चार गुर्गों की नेपाल बार्डर के पास मिली लोकेशन
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत के गांधीनगर गुहाना निवासी सुमित कुमार दिलावर, कुशीनगर के कप्तानगंज क्षेत्र के इंद्रपुर निवासी आकाश सिंह, आसिफ और कृष्णा काका की लोकेशन नेपाल सीमा के आसपास मिली। टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपियों के सीमा पार चले जाने की सूचना है। अब सीमा से जुड़े रास्तों और संपर्कों पर भी नजर रखी जा रही है।

मोबाइल और संपर्कों से खुल रही नई कड़ियां
एसटीएफ गिरफ्तार आरोपियों से मिले मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों और संपर्कों के आधार पर नेटवर्क की अगली कड़ियां जोड़ रही है। जांच में पहले सामने आ चुके 31 आरोपियों में पांच को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आए नामों और उनकी लोकेशन के आधार पर अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। जांच का दायरा अब सिर्फ स्थानीय असलहा सप्लाई तक सीमित नहीं है। एसटीएफ मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और नेपाल सीमा तक जुड़े संपर्कों को खंगाल रही है। नेटवर्क में विदेशी असलहों की आमद, उन्हें आगे पहुंचाने वाले लोगों और इसके बदले होने वाले लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।
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जांच में सामने आए सभी संपर्कों और लोकेशन के आधार पर टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ असलहों की सप्लाई से जुड़े पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी: सत्यप्रकाश सिंह, एसटीएफ इंस्पेक्टर
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