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Gorakhpur News: किडनी के कैंसर से जूझ रही थी एक साल की बच्ची, एम्स में मिला नया जीवन

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- पूर्वांचल में पहली बार : एक साल की बच्ची के किडनी कैंसर (विल्म्स ट्यूमर) की सफल सर्जरी
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गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक वर्षीय बच्ची के जटिल किडनी के कैंसर विल्म्स ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया है। संस्थान में किडनी के कैंसर (विल्म्स ट्यूमर) से पीड़ित देवरिया निवासी एक वर्षीय नवजात बच्ची का जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। सर्जरी के बाद बच्ची अब स्वस्थ अवस्था में है।
चिकित्सकों के अनुसार, यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था। ट्यूमर आंत, तिल्ली, अग्नाशय और यकृत जैसे महत्वपूर्ण अंगों के पास स्थित था और महाधमनी (एओर्टा) सहित प्रमुख रक्त वाहिकाओं से चिपका हुआ था। ऐसी स्थिति में सर्जरी के दौरान अत्यधिक सावधानी और उच्च स्तरीय कौशल की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों की टीम ने इन सभी चुनौतियों को सफलतापूर्वक पार किया। ऑपरेशन के बाद बच्ची को गहन चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। उच्च रक्तचाप सहित अन्य संभावित जटिलताओं का प्रभावी प्रबंधन किया गया। स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और आगे की कीमोथेरेपी नियत योजना के अनुसार जारी रहेगी।
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विल्म्स ट्यूमर समय पर इलाज जरूरी डॉ. श्रेयस कुमार ने बताया कि विल्म्स ट्यूमर बच्चों में पाया जाने वाला किडनी का प्रमुख कैंसर है, जो बाल्यावस्था के कैंसर मामलों का लगभग 5 प्रतिशत तक होता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह फेफड़ों और यकृत जैसे अंगों में फैल सकता है। ऐसे मामलों में सर्जरी, कीमोथेरेपी और समन्वित इलाज बेहद जरूरी होता है। यह कठिन शल्य प्रक्रिया पीडियाट्रिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. श्रेयस कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। इसमें एनेस्थीसिया, पीडियाट्रिक मेडिसिन, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी तथा मेडिकल और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभागों का समन्वित सहयोग रहा। उपचार की शुरुआत विस्तृत जांच और चार चरण की कीमोथेरेपी से की गई, जिसके बाद सर्जरी की गई। साथ ही डॉक्टरों ने बताया कि अगर बच्चों में पेट में गांठ, सूजन या अन्य असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें, ताकि समय पर इलाज से गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सके।
कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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पूर्वांचल के लिए राहत और नई उम्मीद
अब तक पूर्वांचल के जटिल बाल कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की भारी हानि होती थी। एम्स गोरखपुर में इस स्तर की सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र के मरीजों को अब स्थानीय स्तर पर ही उन्नत उपचार मिल सकेगा।
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