प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी ने जिले को एक दिन में एक साथ 10 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं समर्पित कर इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब गोरखपुर को एक ही दिन में इतनी बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिली है। गोरखपुर की जिन विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ है, उसका लाभ पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ ही बिहार, झारखंड के साथ ही नेपाल तक के लोगों व किसानों तक को मिलेगा।
ये हैं सौगातें...
गोरखपुर खाद कारखाना
- कुल लागत - 8603 करोड़ रुपये
- शिलान्यास - 22 जुलाई 2016 (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)
- उद्घाटन- 7 दिसंबर 2021 (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी)
- संचालनकर्ता : हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल)
- कार्यदायी संस्था - टोयो जापान
- परिसर का क्षेत्रफल - 600 एकड़
- यूरिया का प्रकार - नीम कोटेड
- प्रीलिंग टॉवर - 149.2 मीटर ऊंचा (विश्व के खाद कारखानों में सबसे ऊंचा)
- रबर डैम का निर्माण- 30 करोड़
- रोजाना यूरिया उत्पादन - 3850 मीट्रिक टन
- रोजाना लिक्विड अमोनिया उत्पादन -2200 मीट्रिक टन
- रोजगार अवसर- 20 हजार से ज्यादा
एम्स गोरखपुर
- शिलान्यास : 22 जुलाई 2016 (पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों)
- लोकार्पण - 7 दिसंबर 2021 (पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों)
- परियोजना लागत : 1011 करोड़ रुपये
- आबादी लाभांवित : 7 करोड़
- परिसर क्षेत्रफल : 112 एकड़
- अस्पताल की क्षमता : 750 बेड
- जनरल ओपीडी : 14
- स्पेशल ओपीडी : 13
- शिक्षा सेवा : एमबीबीएस 125 सीटें ( सेकेंड बैच जारी)
- रोजगार- नौ से दस हजार।