अब उड़न दस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) अलग-अलग जगहों पर घूमकर यातायात पुलिसकर्मियों के क्रियाकलापों की निगरानी करेगा। ट्रैफिक पुलिसकर्मी या होमगार्ड धनउगाही करते मिले तो टीम न सिर्फ विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित कराएगा, बल्कि उनके खिलाफ केस दर्ज भी कराएगा।
दस्ता यह भी देखेगा कि यातायात पुलिस में तैनात कोई कर्मी या होमगार्ड जवान किसी चौराहे पर बेवजह वाहन चेकिंग कर लोगों को परेशान तो नहीं कर रहा। उड़न दस्ता जोन, रेंज व जिला स्तर पर बनाया जा रहा है।दस्ते का नेतृत्व एडिशनल एसपी या डीएसपी करेंगे। दस्ता सादे ड्रेस में अलग-अलग चौराहों पर जाकर गोपनीय जांच करेगा। चौराहों पर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगालेगा। साथ ही लोगों की शिकायत या सूचना मिलने पर भी मौके पर जाकर जांच करेगा।
जानकारी के मुताबिक, चौराहों पर बेवजह चेकिंग और वाहनों की जांच के नाम पर धनउगाही की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीजीपी ने एक विशेष दस्ता बनाने का निर्देश दिया है। एडीजी गोरखपुर ने जोन का उड़न दस्ता बना दिया है। इसकी कमान एडीजी दफ्तर के एडिशनल एसपी को दी गई है। वहीं एडीजी ने जोन के सभी तीन डीआईजी व 11 जिलों के एसपी को उड़न दस्ता बनाने का निर्देश दिया है।
टीम में ये होंगे शामिल
जोन व रेंज स्तर के दस्ते की कमान एडिशनल एसपी के हाथों में होगी। दस्ते में एडिशनल एसपी के गनर व स्टाफ के अलावा एक दरोगा व चार सिपाही होंगे। इसी प्रकार प्रत्येक जिले की टीम की कमान सीओ के हाथ में हो सकती है। उनके स्टाफ के अलावा एक दरोगा व तीन सिपाही तैनात रहेंगे। टीम के सदस्य प्रत्येक दिन जगह बदल-बदल कर सादे ड्रेस में निकलेंगे, ताकि कोई उन्हें पहचान कर सतर्क न हो।
जोन में तीन रेंज व 11 जिलों में बनेगी टीम
जोन के अलावा गोरखपुर, बस्ती व देवीपाटन रेंज में भी उड़न दस्ता बनेगा। इसके साथ ही गोरखपुुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवीपाटन, बहराइच, श्रावस्ती व गोंडा जिले के अपने अलग दस्ते होंगे। जिले के दस्ते जिले में तो रेंज के दस्ते जिलों में जाकर जांच करेंगे। इसी तरह जोन के दस्ते भी जिलों में जाकर इन जिलों के दस्तों के क्रियाकलापों की जांच करेंगे।
एडीजी दावा शेरपा ने बताया कि डीजीपी के निर्देश पर जोन के लिए उड़न दस्ता बना दिया गया है। जल्द ही रेंज व जिले स्तर पर भी दस्ता काम करने लगेगा। सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को टीम बनाने का निर्देश दिया गया है।