जिन 31 लोगों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से सात दूध के कारोबारी हैं। सभी के दूध के नमूने जांच में अद्योमानक यानी गुणवत्ता के मानक के मुताबिक नहीं मिले। इनमें भी गाय के दूध का सर्वाधिक चार नमूना फेल पाया गया। दूध की गुणवत्ता ज्यादा खराब पाए जाने पर चौरीचौरा के रामपुर निवासी दूध कारोबारी उमेश यादव और हरपुर बुदहट के रहने वाले अमेरिका यादव पर सर्वाधिक 18-18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं दूध के बाकी चार कारोबारियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
पैकेजिंग नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
सबसे बड़ी राशि 40 हजार रुपये का जुर्माना पैकेजिंग नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य कारोबारी पर लगाया गया है। गीडा स्थित कबीरजी नमकीन भंडार से लिए गए नमकीन के नमूने की जांच में पैकेजिंग को लेकर तय नियमों की अनदेखी मिली। इसपर ज्ञानमति देवी पर 40 हजार रुपये और उनके पुत्र संतोष पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। वहीं फेन रस्क के नमूने में भी पैकेजिंग नियमों का सही तरीके से पालन नहीं होने पर जंगल चौरी निवासी अभय कसौधन पर 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
आईस्क्रीम- आटा कारोबारी पर 35-35 हजार का जुर्माना
आईस्क्रीम की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर झुंगिया बाजार के इफ्तीहार और कुट्टू के आटा की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर सूरजकुंड निवासी प्रदीप पांडेय पर 35 हजार रुपये का जुर्मना लगाया गया है। इसी तरह पनीर का नमूना अद्योमानक पाए जाने पर बड़हलगंज के रहने वाले जवाहर लाल पर 20 हजार रुपये और बर्फी की गुणवत्ता खराब पाए जाने पर धर्मशाला बाजार के रामेश्वर प्रसाद पर 26 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।