सिद्धार्थनगर में मंगलवार शाम आठ बजे बूढ़ी राप्ती का 80.400 मीटर पर था, जो बुधवार सुबह बढ़कर 84.850 मीटर पर पहुंच गया। नदी खतरे के निशान 85.650 मीटर से नीचे हैं, लेकिन चेतावनी बिंदु 84.650 मीटर को पार कर गई है। इससे जोगिया, उसका बाजार क्षेत्र में नदी की कटान तेज हो गई है। बानगंगा नदी में पानी बढ़ने से कोमर, महथा, लेदवा, गजहड़ा गोल्हौरा, नौडिहवा, रामगढ़वा, खड़कुईया, चंपापुर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
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बस्ती में सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान के करीब पहुंच गया है। इससे करीब आधा दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार बुधवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 46 सेंटीमीटर नीचे रहा। नदी व तटबंध के बीच बसे सुविकाबाबू गांव जाने वाले रास्ते के अगल-बगल तक नदी का पानी पहुंच गया है।
नेपाल में बारिश का असर महराजगंज में गंडक के जलस्तर में इजाफा हो रहा है। जलस्तर बढ़ने से नदियों के किनारे बसे गांवों के लोग भयभीत हैं। लक्ष्मीपुर खुर्द, भरवलिया, लालपुर,चटिया, माधव नगर तुर्कहिया, निपनिया, कड़जा, गडौरी, मोहम्मदपुर,मलाव टोला, धगधहिया के लोगों को बाढ़ का भय सताने लगा है।
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गोरखपुर के जिला आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों ने बताया कि नेपाल में बारिश हो रही है। इससे वहां का जलस्तर बढ़ने लगा है। यदि वहां की पहाड़ियों में बारिश जारी रही तो आगे चलकर बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। इसको देखते हुए बाढ़ बचाव से जुड़े सभी विभागों को सजग किया गया है। हालांकि नदियों के खतरे के निशान से ऊपर जाने पर ही बंधों पर कोई खतरा रहेगा।
गोरखपुर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने कहा कि नेपाल में बारिश होने से राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर बढ़ा है। नदियों की स्थिति को देखते हुए सभी विभागों को सजग रहने के लिए कहा गया है।