कोरोना के संक्रमण से यात्रियों को बचाने के लिए एयरपोर्ट पर कई तरह के उपाय किए गए हैं। हर उस प्रक्रिया या जगह जहां से संक्रमण फैल सकता है, उसे खत्म करने की पूरी कोशिश की गई है। टर्मिनल में प्रवेश से लेकर बाहर निकलने तक के लिए पूरी तरह कांटेक्टलेस व्यवस्था बनाई गई है ताकि कोई यात्री एक दूसरे के संपर्क में न आए।
टर्मिनल के बाहर ही पहले सभी यात्रियों के पहले जूते फिर हाथ सैनिटाइज कराया गया। इसके बाद बाहर ही उनका लगेज भी सैनिटाइज किया गया। फिर डॉक्टरों ने सभी की थर्मल स्क्रीनिंग की। एंड्रॉयड फोन रखने वाले सभी यात्रियों के आरोग्य सेतु एप चेक किए गए। हालांकि सभी ने एहतियातन पहले ही यह एप डाउनलोड कर रखा था। इसी तरह से आने वाले यात्रियों के भी लगेट पहले सैनिटाइज होने के बाद ही उन्हें मिले।
यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए मार्किंग की गई है। टर्मिनल में दो कुर्सियों के बीच एक कुर्सी की जगह खाली रखी गई। टिकट और आईडी प्रूफ की स्कैनिंग बिना छुए की गई।
विमान में सफर करने वाले हर यात्री को ह्म्द्गद्द.ह्वश्चष्श1द्बस्र.द्बठ्ठ पर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। जिनके पास एंड्रॉयड फोन या अन्य जरूरी सुविधा नहीं है उनकी मदद के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने टर्मिनल के पास ही दो हेल्प डेस्क लगाए थे जहां कंप्यूटर ऑपरेटर यात्रियों का पंजीकरण करने में मदद कर रहे थे।
पंजीकरण के दौरान यात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर समेत कई अन्य जानकारियां मांगी जाएंगी । यात्रा कर लौटे सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन रहने को कहा गया है। इस पंजीकरण के जरिए जिला प्रशासन निगरानी समितियों आदि की मदद से यह चेक करेगा कि संबंधित यात्री होम क्वारंटीन का प्रोटोकॉल पूरा कर रहा है या नहीं।
इन शहरों के लिए हुई उड़ान
दिल्ली- स्पाइसजेट- आगमन 11.10- प्रस्थान 12 बजे
दिल्ली- एयर इंडिया- आगमन 02.35- प्रस्थान 03.10 बजे
मुंबई- स्पाइस जेट- आगमन 01 - प्रस्थान 02 बजे
पहले होती थीं सात उड़ाने
गोरखपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता और प्रयागराज के लिए कुल सात उड़ाने होती थीं। इनमें से अभी दिल्ली की इंडिगों की उड़ान के अलावा प्रयागराज और कोलकाता की भी उड़ान नहीं शुरू हो सकी है। वहीं शेड्यूल जारी होने के बाद भी तेलंगाना सरकार की अनुमति नहीं मिलने से गोरखपुर से हैदराबाद की भी उड़ान फिलहाल के लिए लटक गई है।