गोरखपुर शहर के मेडिकल कॉलेज रोड पर बनाए गए नालों की छोटी-मोटी कमियां 10 दिन के अंदर दूर होंगी। इसके अलावा जल निकासी के लिए राप्ती नगर में तोड़े गए नाले को आरसीसी का बनाया जाएगा।
दो दिन जोरदार बारिश से शहर भर में जगह-जगह हुए जलभराव से लोगों को हुई समस्याओं का संज्ञान लेते हुए कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने नगर निगम, लोनिवि और जलनिगम के अभियंताओं की टीम को पहले मौके का मुआयना करने भेजा, फिर उनके साथ सोमवार को बैठक की। इस दौरान टीम ने जलभराव की वजहों को कमिश्नर से साझा किया जिसके बाद उन्होंने इसे तत्काल दूर करने के लिए काम शुरू कर देने का निर्देश दिया।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने खुद इस मार्ग का निरीक्षण किया था। इसके बाद लोनिवि, नगर निगम और जल निगम की संयुक्त टीम को निरीक्षण कर जलभराव की वजहें चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा था। टीम ने रविवार की रात और सोमवार को निरीक्षण किया। इसके बाद बैठक में इन खामियों पर चर्चा हुई।
संबंधित विभागों को जल्द काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है ताकि लोगों को जलभराव से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि इसी तरह बेतियाहाता, राप्तीनगर और हरिओम नगर से भी स्थानीय लोगों ने उन्हें फोन कर जलभराव की शिकायत की थी जिसपर वहां भी नगर निगम के अभियंताओं को भेज कर समस्याओं का परीक्षण करने और उनके शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया गया है।
उपसभापति ने की जल निकासी की बेहतर व्यवस्था बनाने की मांग
नगर निगम के चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने बताया कि नालों की छोटी-मोटी कमियों को 10 दिन में दूर कर दिया जाएगा। इसके अलावा रविवार को राप्ती नगर के पास ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा निर्मित जिस नाले को कॉलोनियों में भरे हुए पानी को निकालने के लिए जेसीबी से तोड़ दिया गया था, उसे आरसीसी का बनाया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला, जल निगम के अधिशासी अभियंता सुदेश कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार के अलावा नर्मदेश्वर पांडेय, सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।
नगर निगम के उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा ने नगर आयुक्त अविनाश सिंह से वार्ता कर महानगर के जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महानगर में विभिन्न घनी आबादी के मोहल्लों में जलभराव की आशंका को देखते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने फोरलेन पर निर्मित नालों में जल निकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया एवं पत्र भी लिखा। परंतु इन सब प्रयासों के बाद भी कार्यदायी संस्था के द्वारा जल निकासी पर विशेष ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा रविवार की भीषण बारिश में कई मोहल्ले के नागरिकों को जलभराव से ग्रसित होकर भुगतना पड़ा। उपसभापति ने कहा कि असुरन चौराहे से झुंगिया मेडिकल कॉलेज के दोनों तरफ लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाए गए नालो में मोहल्लों की नालियों को मुख्य नाले में जोड़ने की प्रक्रिया में भी लापरवाही हुई है। इसी प्रकार गोरखनाथ मंदिर से महेसरा पुल (सोनौली मार्ग) पर मछली दफ्तर, गोरखनाथ थाना, लेबर मंडी, धर्मशाला से जटाशंकर तक को जाने वाली नालियों को मुख्य नाले से मात्र चार इंच की पाइप द्वारा जोड़कर जल निकासी कराई जा रही है जो अपर्याप्त है। बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए शीघ्र चल निकासी का समुचित निदान अति आवश्यक है।