उमानगर मोहल्ले का कुछ एरिया, अन्य संक्रमितों के गांवों को सील कर दिया गया है। सभी लोग घर पर रहने के बाद जांच कराने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। इनकी ट्रेवेलिंग हिस्ट्री खंगालने के बाद संपर्क में रहने वालों को क्वारंटीन सेंटर लाने की कार्रवाई शुरू हो गई है।
गांव पहुंचे अफसरों ने लोगों को घरों में रहने के लिए जागरूक किया और सील करा दिया। गांव में पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी जमे हैं और सैनिटाइज कराया जा रहा है। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि गांवों को सील कर दिया गया है। संक्रमितों के संपर्क में रहने वालों को क्वारंटीन किया जा रहा है। सभी की सैपलिंग कराई जाएगी।
बुखार डेस्क पर आए 300 से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। कोरोना संदिग्ध 62 लोगों के सैंपल जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए। अभी तक 700 से अधिक कोरोना संदिग्धों की जांच हो चुकी हैं। पॉजिटिव आने वालों में एक को छोड़ सभी मुंबई से आने वाले हैं।
देवरिया जिले में शनिवार को देर रात तक छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। रविवार को भोर में दो कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया। आनन-फानन दोनों को मेडिकल कॉलेज भेजा गया। कुछ देर बाद तीन और रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई।
उधर, रनिहवा गांव में क्वारंटीन किए गए संदिग्ध तीन लोग अपने घर चले गए थे। इसको लेकर गांव में हड़कंप मच गया था। सूचना पर एसीएमओ डॉ. संजय चंद और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे। बावजूद लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। पुलिस के पहुंचने के बाद तीनों लोग घरों से निकले। इनको क्वारंटीन कराया गया है।