जीडीए के विस्तार में शामिल नए गांवों-मोहल्लों में निर्माण कार्य के लिए नक्शा बनवाना जरूरी है। लेकिन आॉलाइन आवेदन नहीं हो पा रहा है। जीडीए कार्यालय में जाने पर कर्मचारी भी सही जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। अधिकांश लोगों को यही सलाह दी जा रही है कि आप अवर अभियंता से बात करके काम शुरू कराइए। बाद में देखा जाएगा।
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कुसम्ही बाजार के बबलू जायसवाल ने बताया कि उनकी एक भूमि है, जिस पर वह मकान बनवाना चाहते हैं। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन करने का प्रयास किया तो विकल्प नहीं खुला। इसके बाद वह जीडीए में गए तो एक कर्मचारी ने बताया कि अवर अभियंता से बात करके काम शुरू करा लीजिए, आगे देखा जाएगा। बाद में कोई दिक्कत न आए। इस चक्कर में अभी तक उन्होंने काम नहीं शुरू कराया है।
महायोजना में तय होगा लैंडयूज, इसलिए रोक रहा जीडीए
जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि कई इलाकों लैंड यूज महायोजना लागू होने के बाद ही तय हो पाएगा। इसलिए, इन क्षेत्रों में नए निर्माण कार्य पर रोक लगाई जा रही है। जिन जगहों पर पहले से आबादी है, वहां पर निर्माण में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, हाइवे के किनारे, बाग या कृषि योग्य भूमि पर नया निर्माण कराए जाने पर रोक लगाई जा रही है।
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पीपीगंज निवासी उमाशंकर पाठक ने कहा कि मैं अपने मकान का निर्माण करा रहा था। कुछ लोग आए, उन लोगों ने कहा कि बिना नक्शा के काम नहीं होगा। हमने ऑनलाइन आवेदन का प्रयास किया, लेकिन कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। बाद में कुछ चढ़ावा देने की बात कही गई। मैंने मना किया तो नोटिस मिला है। उसका जवाब दे दिया है। नक्शा बनने के बाद ही काम शुरू कराएंगे।
जब प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तब बनवाएंगे मकान
कुसम्ही बाजार निवासी बबलू जायसवाल ने कहा कि कुसम्हीं में मेरी एक भूमि है। मैं उस पर निर्माण कराना चाहता था। नक्शा की जानकारी लेने जीडीए गया तो एक कर्मचारी ने बताया कि अवर अभियंता से बात करके काम शुरू कराइए। बाद में देखा जाएगा। इस चक्कर में मैंने काम शुरू नहीं कराया। अब जब प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तब मकान बनवाएंगे।
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बिना नक्शा पास हुए काम नहीं कराएंगे
माड़ापार निवासी सच्चिदानंद सिंह ने कह कि माड़ापार में जमीन खरीदी है। चारों तरफ नींव बनी हुई है। काम शुरू कराने की सोच रहे थे। मालूम हुआ कि जीडीए के कर्मचारी रोककर परेशान करने लग रहे हैं। अभी नक्शा भी नहीं बन पा रहा है। आगे चलकर भी दिक्कत हो सकती है। इसलिए बिना नक्शा पास हुए काम नहीं कराएंगे।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि जीडीए में शामिल गांवों के संबंध में 2020 में नोटिफिकेशन हो चुका है। इसलिए नए निर्माण कार्य के लिए नक्शा पास कराना जरूरी है। आवेदकों को प्रोविजनल (अस्थाई) नक्शा दिया जाएगा। पूर्व में हुए निर्माण के लिए कोई नक्शा बनवाने की जरूरत नहीं है।
जीडीए की सीमा में अब शामिल हो गए हैं इतने गांव
| ब्लाक |
संख्या |
| खोराबार |
30 |
| सरदारनगर |
30 |
| जंगल कौड़िया |
65 |
| पिपरौली |
38 |
| चरगांवा |
45 |
| भटहट |
50 |
| पिपराइच |
56 |
| कैंपियरगंज |
06 |