गोरखपुर के महेवा फलमंडी में गुरुवार को आग लगने के कारण की जांच व क्षति का आकलन करने के लिए प्रशासन ने टीम गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर व्यापारियों को क्षतिपूर्ति मिलेगी। दीपावली और छठ पर्व के लिए व्यापारियों ने काफी माल एकत्रित किया था। जिस ब्लॉक बी-टू में आग लगी, उसमें 17 फर्मों को दुकानें आवंटित हैं, जिसमें 32 दुकानदार व्यापार करते हैं।
फल मंडी में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट अभिनव रंजन श्रीवास्तव और मंडी सचिव रजित राम वर्मा मौके पर पहुंचे। डीएम विजय किरन आनंद ने शुक्रवार को थोक मंडी पहुंचकर व्यापारियों की पीड़ा सुनी और नुकसान की भरपाई का आश्वासन दिया। व्यापारियों के माल की क्षति का आकलन करने के लिए डीएम के निर्देश पर उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें मंडी सभापति, सिटी मजिस्ट्रेट, चीफ फायर ऑफिसर, मंडी सचिव और पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता शामिल हैं।
मंडी प्रशासन की तरफ से भी तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इस टीम में मंडी निरीक्षक अनिरुद्ध द्विवेदी, पवन कुमार और अंकुश श्रीवास्तव क्षति का आकलन कर रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे। फल मंडी के दुकानदार विशाल सोनकर, धर्मेंद्र कुशवाहा, फिरोज राईनी आदि ने बताया कि आग लगने की सूचना पर जब वे लोग मौके पर पहुंचे, तब अफरातफरी का माहौल था।
दमकल की गाड़ियों को नहीं मिल रहा था रास्ता
मंडी में फल से लदी गाड़ियों की कतार लगी थी। कुछ गाड़ियों से माल उतारा जा रहा था। इसी बीच आग लगने से अफरातफरी मच गई। कई गाड़ियों के चालक छोड़कर भाग निकले। रास्ता नहीं मिलने की वजह से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर पहुंचने में काफी दिक्कत हुई।
सिटी मॉल और फायर स्टेशन से गाड़ियों में भरा गया पानी
थोक मंडी में कई बार आग लग चुकी है। आग पर काबू के लिए गल्ला मंडी में एक हाईड्रेंट बना है, लेकिन दमकल कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं थी। इसलिए सिटी मॉल और फायर स्टेशन के हाईड्रेंट से पानी मंगवाना पड़ा।
प्रभारी अग्निशमन अधिकारी रंजीत सिंह ने बताया कि थोक फल मंडी में आग लगने की सूचना पर दमकल कर्मियों के साथ गाड़ियों को रवाना किया गया था। आग पर काबू पाने के लिए छह दमकल की गाड़ियां लगाई गईं थीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है।
मंडी के सचिव रजित राम वर्मा ने बताया कि थोक फल मंडी के व्यापारियों को क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए प्रशासन और मंडी प्रशासन की ओर से कमेटी गठित कर दी गई है। मंडी निरीक्षक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर रही है। जल्द ही रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।