शुक्रवार भोर से भड़की आग को बुझाने में फायर विभाग को 28 घंटे तक लगातार जूझना पड़ा। इस दौरान 15 जिलों से आईं दमकलें फैक्टरी और आसपास के क्षेत्रों से पानी लाकर आग बुझाती रहीं। देर रात तक फायर टेंडरों के सायरन गूंजते रहे और पूरा इलाका दहशत के माहौल में डूबा रहा।
गीडा सेक्टर-15 स्थित रूंगटा फैक्टरी में लगी आग ने पूरे औद्योगिक इलाके को दहला दिया। यही नहीं ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग करने वाले कारखानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार भोर से भड़की आग को बुझाने में फायर विभाग को 28 घंटे तक लगातार जूझना पड़ा।
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इस दौरान 15 जिलों से आईं दमकलें फैक्टरी और आसपास के क्षेत्रों से पानी लाकर आग बुझाती रहीं। देर रात तक फायर टेंडरों के सायरन गूंजते रहे और पूरा इलाका दहशत के माहौल में डूबा रहा। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में हेक्सेन गैस और रिफाइन ऑयल जैसे अत्याधिक ज्वलनशील पदार्थों के इस्तेमाल के कारण आग तेजी से फैलती गई।
गर्मी और धुएं ने स्थिति इतनी भयावह बना दी कि फायर फाइटर्स को आग की लपटों के बिल्कुल नजदीक तक जाना पड़ा। लगातार बढ़ते तापमान के बीच जान जोखिम में डालकर फायर विभाग की टीमों ने पाइपलाइन और 50 हजार लीटर क्षमता वाले टैंक को ठंडा रखने का प्रयास किया।
पूरे ऑपरेशन में 100 से अधिक फायर फाइटर्स 28 घंटे तक बिना रुके जुटे रहे। रातभर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन की कठिनाई को देखते हुए प्रशासन ने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को विशेष इनाम देने का फैसला किया है।
फायर की गाड़ी लाइन से खड़ी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सुरक्षा पर सख्ती, प्रशासन ने शुरू की जांच
अग्निकांड के बाद गीडा प्रशासन ने जिले में सभी ज्वलनशील पदार्थों वाली फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है।अधिकारियों ने साफ किया है कि हेक्सन, रिफाइन ऑयल, केमिकल और गैस आधारित फैक्ट्रियों को सुरक्षा मानकों का पालन न करने पर सीधे सीलिंग और लाइसेंस रद्द की कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
आग बुझने के बाद भी खतरा बरकरार
हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन फैक्टरी के कई हिस्सों में धातु अब भी गर्म है। फायर विभाग ने अगले 12 घंटे तक निगरानी जारी रखने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी चिंगारी से आग दोबारा न भड़क सके।
रूंगटा अग्निकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ज्वलनशील पदार्थों के उत्पादन क्षेत्रों में सुरक्षा लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि अब औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
ब्रान ऑयल फैक्टरी में आग लगने के बाद बुझाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पाइपलाइन का वाल्व लीक होने से लगी थी आग
गीडा क्षेत्र के सेक्टर-15 स्थित रूंगटा इंडस्ट्रीज की ब्रान ऑयल फैक्टरी में लगी आग 28 घंटे बाद बुझा ली गई। प्राथमिक जांच में पता चला है कि फैक्टरी में मेंटेनेंस के दौरान पाइपलाइन के वाल्व के लीक होने से गैस रिसाव के कारण आग लगी थी। दिल्ली, करनाल, मध्य प्रदेश और केरल से बुलाई गई विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम ने शनिवार सुबह चैंबर वाल्व बंद करके गैस लीकेज रोका। इसके बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
आग नियंत्रित होने की सूचना पर आसपास गांवों के लोगों ने भी राहत की सांस ली। आग पर काबू पाने के बाद आसपास की फैक्टरियां भी 24 घंटे फिर शुरू हो गई हैं।