गोरखपुर शहर के रामगढ़ताल पुलिस ने खिरवनिया गांव में हुई युवक की मौत के मामले में उसकी पत्नी समेत तीन नामजद और अज्ञात लोगों पर हत्या कर साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज किया है। युवक के घर वालों ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि हत्या करने के बाद शव को पेड़ से लटकाया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की बात सामने आई थी। कोर्ट के आदेश पर दो माह बाद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बेलीपार के खरोहवा गांव निवासी रामकरन ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनके बेटे मजनू का रामगढ़ताल के खिरवनिया गांव की रहने वाली युवती गुड़िया से प्रेम संबंध था। दो जून 2019 को मजनू और गुड़िया ने बसियाडीह मंदिर में शादी कर ली थी। गुड़िया के घर वाले रिश्ते के खिलाफ थे। वे लोग मजनू को जान से मारने की धमकी दे रहे थे।
कई बार गुड़िया के परिजन मजनू को खोजते हुए घर भी आए थे। शादी के कुछ दिन बाद गुड़िया अपने मायके चली गई। 22 अक्तूबर 2020 को गुड़िया ने फोन करके मजनू को खिरनिया गांव में बुलाया था। 24 अक्तूबर को मजनू की लाश गांव के बाहर पेड़ पर लटकती हुई मिली थी। जानकारी होने पर परिवार के लोग पहुंचे तो स्थानीय लोगों से पूछने पर पता चला कि 23 अक्तूबर की रात में गुड़िया ने अपनी मां सुधा, पिता रामसकल और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर मजनू की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
आत्महत्या का रूप देने के लिए शव पेड़ से लटका दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारे जाने की पुष्टि होने पर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए रामगढ़ताल थाना प्रभारी और एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीओ कैंट सुमित शुक्ला ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।