एम्स क्षेत्र में एक पंचर दुकानदार के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनी संचालित करने वाले जालसाजों के खिलाफ एम्स पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने रामपुर 15 मील निवासी पंचर दुकानदार राज प्रजापति की शिकायत पर गांव के ही अमित गुप्ता और अनिल वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
राज प्रजापति ने एसएसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि बहन की शादी के लिए उसे 30 हजार रुपये की जरूरत थी। उसने अमित गुप्ता से लोन दिलाने के लिए कहा था। आरोप है कि इसी बहाने अमित ने उसका आधार कार्ड और पैन कार्ड ले लिया और उनकी फोटो खींच ली। इसके बाद हस्ताक्षर करते हुए उसका दो बार वीडियो भी बनाया।
पीड़ित के अनुसार अमित ने उसे 10 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से और 20 हजार रुपये नकद दिए थे। बाद में उसने यह रकम ब्याज समेत वापस ले ली। राज प्रजापति का आरोप है कि उसकी जानकारी के बिना उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर यश बैंक में खाता खोला गया और उसके नाम से फर्जी कंपनी संचालित की गई।
आरोप है कि कंपनी में 100 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन करने के बाद उसे बंद कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब वाराणसी से सीजीएसटी विभाग के अधिकारी जांच के लिए उसकी पंचर की दुकान पर पहुंचे। अधिकारियों ने उसके नाम से जीएसटी बकाया होने की जानकारी दी।
पीड़ित के मुताबिक सीजीएसटी अधिकारियों ने बताया कि उसके नाम से संचालित कंपनी में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है और लगभग 28 करोड़ रुपये जीएसटी बकाया है। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर एम्स पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुटी है।