गोरखपुर। पंजाब नेशनल बैंक की वाराणसी शाखा में तैनात शाखा प्रबंधक संजीव सिंह के खिलाफ रामगढ़ताल थाने में जालसाजी, कूटरचना और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला रामगढ़ताल क्षेत्र के इंदिरानगर निवासी भोला नाथ मौर्य की शिकायत पर सामने आया है। आरोप है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर धोखाधड़ी की गई।
पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2015 में बैंक के फील्ड ऑफिसर रहे संजीव सिंह ने उनकी माता रामरती देवी के नाम दो लाख रुपये का मुद्रा ऋण दिलवाया था, जिससे साइबर कैफे और स्टेशनरी की दुकान शुरू की गई। बाद में संजीव का तबादला संतकबीरनगर के नाथनगर शाखा में हो गया। आरोप है कि उसने नया खाता खुलवाने का दबाव बनाया और संयुक्त खाते में जमा दो लाख रुपये फर्जी हस्ताक्षर के जरिये पीएनबी मेटलाइफ बीमा पॉलिसी में निवेश कर दिए। पीड़ित का कहना है कि न तो बीमा राशि वापस मिली और न ही स्पष्ट खाता विवरण दिया गया। तीन लाख रुपये के असुरक्षित ऋण के नाम पर सुरक्षा चेक लेकर बाद में उसे बाउंस कराकर उनके खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों में कथित कूटरचित हस्ताक्षर की बात भी सामने आई है। थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।