डॉक्टर अभिषेक यादव पर 2014-15 में भी 14 मुकदमे दर्ज किए गए थे। तब अभिषेक ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर सभी मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगवा ली थी। मामले की गोपनीय जानकारी होने के बाद मई 2021 में तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा (वर्तमान में सहारनपुर एसपी) ने सभी मुकदमों की फिर से जांच कराई और चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बाद ही गैंगस्टर की तैयारी कर ली गई थी।
जानकारी के मुताबिक, राज नर्सिंग कॉलेज के छात्रों से ही एसएसपी रहे डॉ. विपिन को राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक अभिषेक यादव के खिलाफ दर्ज पुराने केस और उसमें लगे एफआर की जानकारी हुई। इसके बाद एसएसपी ने गोपनीय जांच कराई। जांच में पाया गया कि सभी मामलों में गलत तरीके से एफआर लगाई गई थी। अब एसएसपी के आदेश पर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सभी मामलों को फिर से खोलकर जांच पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करा दी गई है।
पिपराइच थाने में 17 मार्च को दर्ज हुआ था केस
राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज, जंगल अहमद अली शाह तुरा बाजार के संचालक अभिषेक यादव के खिलाफ 17 मार्च को पिपराइच थाने में केस दर्ज कराया गया था। यह केस तहसीलदार सदर वीरेंद्र कुमार गुप्ता की तहरीर पर हुआ था। तहसीलदार सदर ने तहरीर में लिखा था कि कॉलेज ने वर्ष 2018-19, 2019-20, 2020-21, 2021-22 में छात्र-छात्राओं से एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए मनमाना शुल्क वसूला है। पिछले चार वर्षों में कॉलेज के किसी भी छात्र को कोई डिग्री नहीं दी गई है। कॉलेज प्रबंधन ने अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ किया है। सीएमओ ने कॉलेज की जांच कराई तो मान्यता फर्जी पाई गई।
विद्यार्थियों ने किया था विरोध-प्रदर्शन
जालसाजी की जानकारी होने पर कॉलेज के विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन के विरुद्ध जमकर प्रदर्शन करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर पिपराइच थाने में केस दर्ज हुआ था। वहीं, गोरखनाथ मंदिर के पास रास्ता जाम कर विरोध-प्रदर्शन करने पर छात्रों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था।