गोरखपुर में बुखार के बढ़ते मरीजों को लेकर शासन सतर्क हो गया है। बीमारी के कारणों का पता करने के लिए शासन ने अब बुखार के हर मरीज की मलेरिया जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में संचारी रोग के निदेशक डॉ. एके सिंह ने शनिवार को वेक्टर बार्न डिजीज की समीक्षा की। कहा कि मलेरिया से बचाव के लिए यह फैसला लिया गया है। आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया टेस्ट के लिए प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) व एईएस की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि पीएचसी या ईटीसी में भर्ती हो रहे बुखार के मरीजों की सीएसएफ जांच अवश्य कराई जाए। फाइलेरिया एवं मलेरिया निरीक्षक को निर्देशित किया कि वह आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क में रहें।
इस दौरान सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे, एसीएमओ वेक्टर बार्न डॉ. एके चौधरी, फाइलेरिया नियंत्रण अधिकारी सुदेश कुमार, डॉ. वीके श्रीवास्तव, जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह, सिद्धेश्वरी सिंह आदि मौजूद रहे।