- खजनी में स्वतंत्रता दिवस पर पिता-पुत्र की मौत से गांव में पसरा मातम, एक ही घर से निकलीं दोनों की शवयात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी
उनवल। आजादी के जश्न के बीच शनिवार को हृदयविदारक घटना सामने आई। खजनी थाना क्षेत्र के सोहरां गांव में बीमार बेटे की मौत का सदमा पिता बर्दाश्त नहीं कर सके और कुछ ही देर बाद उनकी भी मौत हो गई। एक ही घर से पिता-पुत्र की शवयात्रा निकली और एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। मर्माहत करने देने वाली इस दृश्य को देख हर किसी की आंखें नम हो गई।
बेलडांड़ ग्रामसभा के सोहरां गांव निवासी मोहित मौर्या (62) के बेटे राकेश मौर्या (42) की कई दिनों से तबीयत खराब थी। शुक्रवार देर शाम अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। तेज खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती किया लेकिन देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राकेश का शव शनिवार को गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन रो-बिलख रहे थे। घर के बाहर पिता मोहित मौर्या गुमसुम बैठे थे। बेटे की मौत का सदमा वे बर्दाश्त नहीं कर पाए और अचानक वहीं बैठे-बैठे लुढ़ककर गिर पड़े। परिजन ने पहले तो उन्हें बेहोश समझकर होश में लाने का प्रयास किया और चेहरे पर पानी के छींटे मारे। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, मोहित की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई।
पिता-पुत्र की एक साथ मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मोहित मौर्या के तीन बेटे थे। इनमें लालजी मौर्या, गुड्डू मौर्या और सबसे छोटे राकेश मौर्या थे। राकेश के परिवार में पत्नी के अलावा बेटी वनिता और दो बेटे कुंदन व शिवम हैं। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया। पिता-पुत्र की एक साथ मौत से गांव में भी शोक की लहर है।