गोरखपुर। आंखों में कामयाबी के सपने और परिवार की जिम्मेदारियां। कोई घर संभालने के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है तो कोई बच्चों की परवरिश के बीच नौकरी पाने की कोशिश में जुटी है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में शामिल होने पहुंचीं महिला अभ्यर्थियों के संघर्ष की ऐसी ही तस्वीर रविवार को कई केंद्रों पर देखने को मिली। अंदर मां परीक्षा दे रही थी तो बाहर पिता बच्चों को संभालकर उनका इंतजार कर रहे थे। परिवार का यही सहयोग महिलाओं की ताकत बना।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के गेट पर ऐसा ही भावुक दृश्य नजर आया। महाराजगंज से पत्नी अंजनी शर्मा को परीक्षा दिलाने आए राहुल शर्मा बाइक पर बैठाकर बेटे को संभालते रहे। उन्होंने बताया कि पत्नी परीक्षा दे रही हैं, इसलिए बच्चे की देखभाल करना उनकी जिम्मेदारी है।
इस दौरान बेटा बार-बार मां के आने के बारे में पूछता रहा। परीक्षा देकर अंजनी बाहर निकलीं तो बेटे का चेहरा खिल उठा। अंजनी ने बताया कि घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं है लेकिन पति और परिवार का पूरा सहयोग मिलता है। उन्हें विश्वास है कि मेहनत के दम पर एक दिन जरूर कामयाब होंगी। संवाद