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Deoria: कसिली फीडर पर संविदाकर्मी का शव रख परिजनों ने किया प्रदर्शन; लाइन ठीक करते समय हादसे का हुआ था शिकार

Thu, 27 Jun 2024 12:49 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बरहज/मगहरा (देवरिया)

सार

अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन माने। बताया जा रहा है कि संविदाकर्मी की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे। जहां रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
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विरोध प्रदर्शन करते परिजन व अन्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देवरिया क्षेत्र के कसिली-सतरांव विद्युत निगम कार्यालय पर गुरुवार को महुआबारी निवासी और संविदा लाइनमैन अजीत प्रसाद (42 वर्ष) पुत्र सुखदेव प्रसाद का शव रखकर परिजनों ने विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हंगामा किया। कुछ देर के लिए आपूर्ति भी ठप कर दी गई थी। सूचना पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन माने।

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बरहज के महुआबारी निवासी अजीत प्रसाद का महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। अचानक तबीयत बिगड़ जाने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां रास्ते में उनकी मौत हो गई। अजीत की मौत की जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। लोग उनका शव लेकर उपखंड कार्यालय पर पहुंच गए। जहां विभागीय लापरवाही से हुई मौत का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। 

परिजन एसएसओ और अधिकारियों को कसूरवार ठहरा रहे थे। जानकारी होने पर एसडीएम अंगद यादव, सीओ आदित्य कुमार गौतम, एसडीओ-टू राधेश्याम चौहान, इंस्पेक्टर राहुल सिंह और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। करीब ढ़ाई घंटे तक मान-मनौव्वल के बाद परिजन माने। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। अजीत कसिली विद्युत निगम कार्यालय में संविदा पर लाइनमैन का काम करते थे। लोगों के अनुसार वह नौ जून को शटडाउन लेकर परसियां भगवती में जंफर जोड़ रहे थे। इसी बीच आपूर्ति बहाल हो गई। जिससे वह बुरी तरह से झुलस गए थे। एसडीओ राधेश्याम चौहान ने बताया कि उच्चाधिकारियों से बात कर पत्नी को नौकरी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। घटना की जांच कराई जाएगी।
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परिवार का अकेला कमाऊ सदस्य थे अजीत
क्षेत्र के महुआबारी गांव निवासी और कसिली फीडर के संविदा लाइनमैन अजीत कुमार नौ जून को परसियां भगवती में जंफर जोड़ने के दौरान आपूर्ति बहाल हो जाने से झुलस गए थे। जिनकी गोरखपुर ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। अजीत के मौत से पत्नी सीमा देवी दहाड़ें मारकर रोने लगी। जबकि बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों के अनुसार अजीत परिवार के अकेले कमाऊ सदस्य थे। जो किसी तरह परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। उनकी मौत से गांव और क्षेत्र में सन्नाटा पसर गया। घटना को लेकर सभी लापरवाही बरतने वालों को कोस रहे थे।

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