जानकारी के अनुसार, गांव में ग्राम निधि से सुरेंद्र यादव के मकान के सामने आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। 6 नवंबर को गांव के ही परशुराम यादव, सुरेंद्र यादव, मुन्नी देवी और गीता देवी सड़क को क्षतिग्रस्त करने के लिए ट्रैक्टर से मिट्टी काट रहे थे। इसका विरोध जब सुरेंद्र यादव ने किया तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।
आरोप है कि हमलावरों ने सुरेंद्र के सिर को पोल से बार-बार टकराया, जब तक कि वह बेहोश होकर गिर नहीं गया।ग्रामीणों को एकत्रित होता देख आरोपी मौके से भाग निकले थे। घायल अवस्था में पत्नी संगीता देवी ने ग्रामीणों की मदद से सुरेंद्र को सावित्री नर्सिंग होम पहुंचाया, जहां हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रेफर कर दिया।
जहां इलाज के दौरान सुरेंद्र की शनिवार देर रात मौत हो गई। पत्नी संगीता देवी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी परशुराम यादव, मुन्नी देवी, गीता देवी समेत अन्य के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।
इधर, घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। सूचना पर थानाध्यक्ष बांसगांव जितेंद्र कुमार सिंह मय फोर्स पहुंचे और भीड़ को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। बाद में सीओ बांसगांव अनुज कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों के आश्वासन पर परिजनों ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया।
मृतक की पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। परिजनों को समझा बुझाकर शांत करा दिया था। पुलिस मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया:
अनुज कुमार सिंह, सीओ बांसगांव
पिता की मौत से घर में मचा कोहराम
सुरेंद्र खेती बाड़ी के साथ मुंबई में भी काम करते थे। उनके परिवार में पत्नी संगीता के अलावा दो बच्चे संध्या और अशोक हैं। जिसमें संध्या की शादी हो चुकी है। वहीं अशोक पढ़ाई करता है। सुरेंद्र की मौत की खबर सुनकर घर में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।