फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: फर्जी IAS का साला और एक साथी भी गिरफ्तार- सोशल मीडिया और AI से जमाता था भौकाल- जानिए कैसे

Thu, 11 Dec 2025 11:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

सपी सिटी ने बताया कि पटना के मोकामा निवासी पीड़ित व्यापारी मुकुंद माधव को ललित ने सितंबर 2024 में अररिया के एक होटल में बताया कि वह आईएएस है और बड़े सरकारी टेंडर दिलवाता है। विश्वास में लेकर उसने मुकुंद को गोरखपुर बुलाया। दफ्तर का रौब देखकर मुकुंद माधव पूरी तरह झांसे में आ गए। और ऐसे उसने एक करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी कर ली थी।
विज्ञापन
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने मामले का खुलासा किया. - फोटो : स्त्रोत- पुलिस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दो करोड़ रुपये ठगी के आरोपी फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव के साथ उसके साला अभिषेक और एक साथी परमानंद को भी गुलरिहा पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम की गिरफ्त में आ गए हैं। आरोप है कि तीनों ने सरकारी विभागों में 200 करोड़ रुपये का टेंडर दिलाने का झांसा देकर बिहार निवासी व्यापारी से दो करोड़ रुपये की ठगी की थी।

विज्ञापन


तीनों से पूछताछ के बाद गुलरिहा पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, बिहार के सीतामढ़ी मेहसौल का रहने वाला ललित लंबे समय से यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में नेटवर्क बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है।

तीनों के कब्जे से 4.15 लाख रुपये नकद, बड़ी मात्रा में ज्वेलरी, एटीएम कार्ड-पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल और एआई तकनीक से तैयार फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि फर्जी आईएएस का साला अभिषेक कुमार सीतामढ़ी के रीगा थाना क्षेत्र के रामनगरा और उसका साथी परमानंद गुप्ता गोरखनाथ क्षेत्र के लच्छीपुर का निवासी है।

गिरफ्तार फर्जी आईएएस - फोटो : स्त्रोत- पुलिस
यह गिरोह झुंगियां बाजार में बने एक आलीशान दफ्तर से ठगी का जाल फैलाता था। दफ्तर पर फर्जी आईएएस गौरव कुमार की नेम प्लेट, सरकारी पट्टिकाएं और हूटर लगी गाड़ियां खड़ी रहती थीं। साथ में 10-12 लोग बाडीगार्ड की तरह खड़े रहते थे। इसी तामझाम से लोग आसानी से विश्वास में आ जाते थे।

उन्होंने बताया कि ललित किशोर कई निजी स्कूलों का अफसर के रूप में निरीक्षण कर चुका था। कई आयोजनों में चीफ गेस्ट बनकर शामिल हुआ था। इससे उसकी विश्वसनीयता और बढ़ गई थी।

बिहार के व्यापारी से रकम, गाड़ियां और दस्तावेज हथियाए
एसपी सिटी ने बताया कि पटना के मोकामा निवासी पीड़ित व्यापारी मुकुंद माधव को ललित ने सितंबर 2024 में अररिया के एक होटल में बताया कि वह आईएएस है और बड़े सरकारी टेंडर दिलवाता है। विश्वास में लेकर उसने मुकुंद को गोरखपुर बुलाया। दफ्तर का रौब देखकर मुकुंद माधव पूरी तरह झांसे में आ गए।

सुरक्षा गार्डों के साथ ऐसे भौकाल जमाता था फर्जी आईएएस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पहले दिन ही 10 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद अप्रैल 2025 से आरोपी कई बैंक खातों में कुल एक करोड़ 70 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। अलग-अलग मौकों पर 25 लाख रुपये नकद और दो लग्जरी कार भी ले लिए।

जुलाई 2025 में जब पीड़ित ने टेंडर की स्थिति पूछी तो ललित ने एआई तकनीक से तैयार फर्जी अनुमोदन पत्र, भवन आवंटन की फाइलें और अखबारों की कटिंग भेजकर भ्रमित कर दिया। जब पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी दी। घबराकर पीड़ित ने 6 दिसंबर को गुलरिहा थाने में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई तेज की।

आरोपियों के पास से ये सामान बरामद
4,15,500 लाख रुपये नकद, भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, पासपोर्ट, एटीएम कार्ड, पासबुक-चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल, फर्जी आईडी कार्ड, मोहरें, नेम प्लेट, एआई आधारित फर्जी अनुमोदन पत्र, टेंडर डॉक्यूमेंट।

किराए के वाहन व लोगों का इस्तेमाल कर बनाते थे रौब
पूछताछ में आरोपी ललित किशोर ने बताया कि उसने फर्जी नाम और आईडी कार्ड रौब जमाने व लोगों को ठगने के लिए बनवाए थे। गिरोह किराए के वाहन और सहयोगियों को साथ लेकर चलता था ताकि लोग उन्हें उच्च अधिकारी समझें।
विज्ञापन

ऐसी गाड़ी से चलकर जमाता था रौब - फोटो : स्त्रोत- पुलिस
अभिषेक कुमार और परमानंद गुप्ता एआई और अन्य माध्यमों से फर्जी दस्तावेज तैयार कर ललित को भेजते थे, जो आगे वादी को भेजे जाते थे। दस्तावेज देखकर पीड़ित को विश्वास हो गया कि उसका टेंडर स्वीकृत हो चुका है।

पुलिस अब गिरोह के लगभग 25-30 लोगों की भूमिका खंगाल रही है। करोड़ों की ठगी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा मामला होने के कारण जांच हाई प्रोफाइल धोखाधड़ी की श्रेणी में की जा रही है। पुलिस ने अन्य पीड़ितों से भी सामने आने की अपील की है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें