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UP: एक बीवी और चार प्रेमिकाएं, इनमें से तीन गर्भवती, 10 गनर रखता था साथ...फर्जी IAS की लग्जरी लाइफ का पर्दाफाश

Thu, 11 Dec 2025 05:46 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

फर्जी आईएएस अधिकारी ललित किशोर पीआरओ और 10 गनर तक साथ रखता था। उसकी अय्याशी का हाल यह था कि उसका मासिक खर्च पांच लाख रुपये था। पढ़ें चौंकाने वाले खुलासे।
 
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फर्जी आईएएस ललित किशोर को लेकर चौंकाने वाले खुलासे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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200 करोड़ रुपये का सरकारी ठेका दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले फर्जी आईएएस ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार की लग्जरी लाइफ और ठगी के नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी का मासिक खर्च 5 लाख रुपये से अधिक था। खुद को 2022 बैच का आईएएस बताने वाला ललित किशोर महंगी गाड़ियों, 10 गनरों, निजी मैनेजर, किराए के होटल और एलीट लाइफस्टाइल के दम पर लोगों को आसानी से भरोसे में ले लेता था।

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शातिर ठग ललित किशोर मूलरूप से सीतामढ़ी (बिहार) के मेहसौल का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले सीतामढ़ी में सुपर 100 कोचिंग सेंटर में गणित का शिक्षक था। वर्ष 2023 में वह एडमिशन के नाम पर दो लाख रुपये लेने के आरोप में कोचिंग से निकाल दिया गया।

एमएससी के बाद वह मैथ से पीएचडी कर रहा था, लेकिन इसी दौरान उसने फर्जी पहचान और दिखावे के सहारे ठगी का रास्ता अपना लिया। वर्ष 2016 में उसके खिलाफ सीतामढ़ी के रीगा थाने में युवती को बहला फुलसा कर भाग ले जाने के मामले में पहली प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जो वर्तमान में उसकी पत्नी है। जिससे दो बच्चे भी हैं। पिछले पांच महीनों से वह चिलुआताल थाना क्षेत्र में किराए के मकान में पत्नी, दो बच्चों और साले के साथ रह रहा था।

किराए पर गनर, मैनेजर और महंगी गाड़ियां
एसपी सिटी के अनुसार ललित हमेशा 10-12 गनरों के साथ चलता था। प्रत्येक को वह 30 हजार रुपये मासिक देता था। इसके अलावा उसने एक मैनेजर रखा था, जिसे 60 हजार रुपये महीने मिलते थे। उसके पास स्कॉर्पियो और अर्टिगा दो लग्जरी वाहन थे, जिनकी 30-30 हजार रुपये ईएमआई हर महीने जमा करता था।

गोरखपुर के होटलों में वह 30 हजार रुपये मासिक रूम रेंट खर्च करता था। यहीं नहीं सरकारी अधिकारी जैसी छवि बनाने के लिए वह सरकारी कार्य पर लिखी निजी गाड़ियों का इस्तेमाल करता था। जहां भी जाता, गनरों की टोली और स्टाफ लेकर पहुंचता, जिससे लोग उसे असली आईएएस समझ लेते थे।

एक पत्नी और चार प्रेमिकाएं, तीन गर्भवती
जांच में सामने आया है कि आरोपी की निजी जिंदगी भी उतनी ही चौंकाने वाली है। उसकी एक पत्नी व चार प्रेमिकाएं हैं। जिसमें तीन गोरखपुर और एक सीतामढ़ी की रहने वाली है। जिनमें तीन गर्भवती पाई गई हैं। आरोपी जालसाज इन सभी पर वह महंगे मोबाइल, ज्वैलरी और लाखों रुपये खर्च करता था। महंगे कपड़े और ब्रांडेड चीजों का शौकीन आरोपी अपने आपको हाई प्रोफाइल अधिकारी दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ता था।

चिलुआताल में किराए के मकान में चल रहा था पूरा खेल
पिछले पांच महीनों से आरोपी अपनी पत्नी, दो बच्चों और साले के साथ चिलुआताल थाना क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था। यहीं से वह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से ठगी का नेटवर्क चला रहा था।

वह पिछले पांच माह में भटहट, पीपीगंज, कैम्पियरगंज और अन्य क्षेत्रों के स्कूलों में भी फर्जी आईएएस बनकर निरीक्षण करने गया था। छात्रों की बोर्ड परीक्षा के दौरान वह दो लग्जरी गाड़ियों और गनरों के काफिले के साथ पहुंचा था। हालांकि अभी तक स्कूलों से धन उगाही की शिकायतें नहीं आई हैं।

दस्तावेज बनाने के लिए एआई तकनीक का करता था इस्तेमाल
आरोपी एआई तकनीक का इस्तेमाल कर मीटिंग लेटर, मंत्रालय के नोट, नियुक्ति आदेश, अनुमोदन पत्र, दिखाकर वह पीड़ितों को पूरी तरह भ्रमित कर देता था। यहीं नहीं लोगों को झांसे में लेने के लिए एआई तकनीक की मदद से अधिकारियों की मीटिंग से उनका फोटो हटा अपना फोटो लगा देता था। आरोपी के पास से देवरिया जिलाधिकारी की मीटिंग का भी फोटो बरामद हुआ है।
 
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एसएसपी के निर्देश पर पुलिस आरोपी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में कौन शामिल था और अब तक उसने कितने लोगों को निशाना बनाया है। -अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
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