महानगर के दाउदपुर में स्थित भारत सेवाश्रम की सूरत तीन करोड़ रुपये से बदलेगी। पर्यटन विभाग ने आश्रम के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। शासन से बजट जारी होते ही काम शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वासंतिक नवरात्रि की नवमी तिथि को भारत सेवाश्रम पहुंचकर वहां स्थापित देवी प्रतिमा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की थी। पूजन के बाद आश्रम के प्रभारी स्वामी नि:श्रेयसानंद ने बलिदानी शचींद्र नाथ सान्याल के बारे में मुख्यमंत्री को बताया, साथ ही आश्रम में उनकी स्थापित कराए जाने की योजना की जानकारी दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जहां प्रतिमा स्थापित होनी थी, वहां का निरीक्षण किया और जिम्मेदारों को निर्देश दिया कि आश्रम में शचींद्र नाथ सान्याल की आदमकद प्रतिमा, सभागार, लाइब्रेरी, म्यूजियम और पेयजल की व्यवस्था का प्रस्ताव बनाकर जल्द से जल्द भेजा जाए। मुख्यमंत्री के निर्देेश पर पर्यटन विभाग ने तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अब विभाग को बजट का इंतजार है। बजट जारी होते ही यहां कार्य को शुरू करा दिया जाएगा।
सन 2000 में स्थापित हुआ था आश्रम
आश्रम के प्रभारी स्वामी नि:श्रेयसानंद ने बताया कि संस्था का गोरखनाथ मंदिर से बहुत पुराना जुड़ाव है। संस्था के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद का जन्म पूर्वी बंगाल में हुआ था। केवल 12 वर्ष की अवस्था में उन्होंने गोरखपुर में योगिराज बाबा गंभीरनाथ से योग की दीक्षा ली थी। इसके बाद समाज को योग की शिक्षा देने में जुट गए। बताया कि गोरखपुर में आश्रम की स्थापना सन 2000 में हुई थी।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर भारत सेवाश्रम के जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।