फोन पर मांगी रंगदारी। (सांकेतिक)
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गोरखपुर जिले के पिपराइच में जमीन की खरीद-फरोख्त में बिचौलिया का काम करने वाले सिकंदर गुप्ता से सोमवार को कुख्यात चंदन ने दस लाख की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने तीन बार फोन आने के बाद पिपराइच थाने में तहरीर दी है।
सुरक्षा में दो पुलिस वालों की ड्यूटी लगाकर पिपराइच पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आशंका है कि रुपये के लेनदेन में फोन आया होगा। खबर है कि सिकंदर एक पूर्व विधायक के साथ प्रॉपर्टी डीजिंल का काम करता है।
जानकारी के मुताबिक, जंगल छत्रधारी निवासी सिकंदर गुप्ता के मोबाइल पर सोमवार को नौ बजे सुबह एक धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि जान प्यारी है तो दस लाख रुपये मंगलवार को सहजनवां के पास पहुंचा देना। पहली बार आए फोन को सिकंदर ने गंभीरता से नहीं लिया।
इसके बाद फिर उनके मोबाइल पर दोपहर में फोन आया तो वह तत्काल पुलिस के पास पहुंच गए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस सुरक्षा देकर जांच शुरू कर दी है। पिपराइच इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। एहतियातन सुरक्षा दे दी गई है।
गौतमबुद्धनगर जेल में बंद है चंदन
चंदन सिंह पर रंगदारी, लूट, हत्या के 20 से ज्यदा केस दर्ज हैं। गोरखपुर में अब भी उसकी दहशत रहती है। उसके नाम पर व खुद उसके भी शहर के कई डाक्टरों से रंगदारी मांगने का मामला चिट्ठी व फोन के जरिए आ चुका है। वह कई वर्षों से जेल में है। जेल में रहने के दौरान मोहद्दीपुर के टाइमनीयर अस्पताल के डॉक्टर से उसने चिट्ठी भेज रंगदारी मांगी थी। वर्तमान में वह गौतमबुद्धनगर के डासना जेल में है। वह एक साल पहले जेल से ही ‘गन से मन की ओर. नामक पुस्तक भी लिख रहा था। रंगदारी मांगे जाने के बाद से पीड़ित सिकंदर काफी डरा हुआ है।