गोरखपुर में महिला थाने में दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार को न्यायिक कार्य से विरत होकर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। आंबेडकर चौक पर मानव ऋंखला बनाकर अधिवक्ताओं ने दो घंटे तक सड़क जाम कर दी।
अधिवक्ता, महिला थानेदार को हटाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में एसपी सिटी सोनम कुमार ने अधिवक्ताओं की एसएसपी से बात कराई। एसएसपी ने महिला थानेदार शशिप्रभा को लाइनहाजिर कर दिया, इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन खत्म कर दिया। उधर, आंबेडकर चौक पर प्रदर्शन की वजह से शहर में घंटों जाम रहा।
जानकारी के मुताबिक, एक महिला की फर्जी आईडी बनाकर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस, अधिवक्ता आदित्य प्रताप सिंह को महिला थाने लाई थी। आरोप है कि सात साल से कम सजा के इस मामले में रिमांड लेने की कोशिश की गई। उधर अधिवक्ता, महिला थाने में वार्ता के लिए पहुंचे तो बुधवार को महिला थानेदार ने दुर्व्यवहार किया। 17 मार्च को अधिवक्ताओं ने एसएसपी से मिलकर इसकी शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर वे सोमवार को सड़क पर उतर गए।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु प्रताप पांडेय और मंत्री अनुराग दुबे की अगुवाई में सुबह 11 बजे अधिवक्ताओं ने आंबेडकर चौक पर प्रदर्शन किया और मानव ऋंखला बनाकर चौराहे पर आवागमन ठप कर दिया। सड़क जाम की सूचना पर पुलिस अधीक्षक नगर सोनम कुमार मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बिना कार्रवाई के अधिवक्ता हटने के लिए तैयार नहीं थे।
इसके बाद एसपी सिटी ने अधिकारियों को अवगत कराया। एसएसपी ने अधिवक्ताओं से फोन पर बात की और उन्हें महिला थाना प्रभारी शशिप्रभा को लाइनहाजिर करने की जानकारी दी। इसके बाद अधिवक्ताओं का प्रदर्शन समाप्त हुआ।
प्रदर्शन करने वालों में सुभाष चंद्र शुक्ल, जितेंद्र धर दुबे, मनोज कुमार पांडेय, गिरिजेश मणि त्रिपाठी, धीरेंद्र कुमार द्विवेदी, शिवशंकर, मदन मोहन त्रिपाठी सहित कई अधिवक्ता शामिल रहे।