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गोरखपुर में कंपनी शुरू होने से पहले ही मडराने लगा संकट का बादल, एक्सप्लोसिव डिपार्टमेंट से मिला ये नोटिस

Sat, 19 Sep 2020 12:14 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
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गीडा में निर्माणाधीन आरके ऑक्सीजन फैक्ट्री। - फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गीडा में स्थापित हो रही कंपनी आरके ऑक्सीजन पर शुरू होने से पहले ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस कंपनी का अभी गीडा औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण कार्य चल ही रहा है, लेकिन डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव आगरा की ओर से बिना लाइसेंस लिए निर्माण शुरू करने के संबंध में एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इस हरकत से नाराज उद्यमी ने जल्द लाइसेंस नहीं मिलने पर फैक्ट्री को लखनऊ शिफ्ट करने का मन बना लिया है।

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन यहां ऑक्सीजन गैस की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है। कई उद्यमी भी आगे आए हैं। गीडा की मोदी केमिकल्स की ओर से करीब 900 सिलिंडर प्रतिदिन क्षमता की क्रायोजेनिक लिक्विड ऑक्सीजन की एक दूसरी फैक्ट्री स्थापित की गई है।

इसी क्रम में लखनऊ के एक उद्यमी राजेश जायसवाल भी करीब 1200 सिलिंडर प्रतिदिन क्षमता की फैक्ट्री स्थापित कर रहे हैं। अभी उनकी फैक्ट्री में निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन इसी दौरान आगरा स्थित डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव की ओर से राजेश जायसवाल को बिना लाइसेंस लिए उत्पादन शुरू करने संबंधी नोटिस जारी कर दिया गया है और उनसे एक सप्ताह में जवाब-तलब किया गया है। 

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मोदी केमिकल में काशीपुर से आज पहुंचेगी लिक्विड ऑक्सीजन

आरके ऑक्सीजन के निदेशक राजेश जायसवाल ने बताया कि सारे पेपर पूरे करने के बाद भी एक महीने से लाइसेंस के लिए आगरा का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्य है। अभी हमारी गीडा की फैक्ट्री का निर्माण ही चल रहा है, लेकिन नोटिस थमा दिया गया। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया था कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने वालों को 48 घंटे में लाइसेंस दे दिया जाएगा, वहीं हम महीने भर से दौड़भाग कर रहे हैं। अगर गोरखपुर के लिए लाइसेंस नहीं मिलता है तो अक्तूबर के पहले सप्ताह में फैक्ट्री को लखनऊ शिफ्ट कर लेंगे। 21 सितंबर तक लाइसेंस मिल जाता है तो 26 सितंबर तक 600 सिलिंडर भरने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

आगरा के डिप्टी कंट्रोल ऑफ एक्सप्लोसिव के एपी सिंह ने बताया कि आरके ऑक्सीजन को दूसरे मामले में नोटिस दिया गया है। दरअसल, मामला ओवरप्राइसिंग का है। ऑक्सीजन गैस संबंधी लाइसेंस बिना किसी देर के जारी किया जाता है। जल्द ही आरके ऑक्सीजन को भी लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।

मोदी केमिकल में आज काशीपुर से लिक्विड ऑक्सीजन पहुंच जाएगा। मोदी केमिकल के निदेशक प्रवीण मोदी ने कहा कि यदि तीनों शिफ्ट में उत्पादन शुरू कर दिया जाता है तो अकेले क्रायोजेनिक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में ही 1500 सिलिंडर प्रतिदिन उत्पादन शुरू हो सकता है।
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