आरके ऑक्सीजन के निदेशक राजेश जायसवाल ने बताया कि सारे पेपर पूरे करने के बाद भी एक महीने से लाइसेंस के लिए आगरा का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह दुर्भाग्य है। अभी हमारी गीडा की फैक्ट्री का निर्माण ही चल रहा है, लेकिन नोटिस थमा दिया गया। जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वस्त किया था कि ऑक्सीजन प्लांट लगाने वालों को 48 घंटे में लाइसेंस दे दिया जाएगा, वहीं हम महीने भर से दौड़भाग कर रहे हैं। अगर गोरखपुर के लिए लाइसेंस नहीं मिलता है तो अक्तूबर के पहले सप्ताह में फैक्ट्री को लखनऊ शिफ्ट कर लेंगे। 21 सितंबर तक लाइसेंस मिल जाता है तो 26 सितंबर तक 600 सिलिंडर भरने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
आगरा के डिप्टी कंट्रोल ऑफ एक्सप्लोसिव के एपी सिंह ने बताया कि आरके ऑक्सीजन को दूसरे मामले में नोटिस दिया गया है। दरअसल, मामला ओवरप्राइसिंग का है। ऑक्सीजन गैस संबंधी लाइसेंस बिना किसी देर के जारी किया जाता है। जल्द ही आरके ऑक्सीजन को भी लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
मोदी केमिकल में आज काशीपुर से लिक्विड ऑक्सीजन पहुंच जाएगा। मोदी केमिकल के निदेशक प्रवीण मोदी ने कहा कि यदि तीनों शिफ्ट में उत्पादन शुरू कर दिया जाता है तो अकेले क्रायोजेनिक लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में ही 1500 सिलिंडर प्रतिदिन उत्पादन शुरू हो सकता है।