मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के विशेषज्ञ रामगढ़ताल से उठ रही दुर्गंध की जांच करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने इसके लिए सिविल इंजीनियरिंग के शिक्षक प्रो. गोविंद पांडेय को नामित किया है।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों से रामगढ़ताल से काफी दुर्गंध उठ रही है। इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी सहारा इस्टेट निवासियों को हो रही है। धीमी हवा चलने पर भी लोगों के घरों में बदबू फैलने लगती है। लोगों को अपने घर में बैठना तक मुश्किल हो गया है।
मामला संज्ञान में आने के बाद रामगढ़ताल परियोजना प्रबंधक रतनसेन सिंह ने ताल से उठ रही दुर्गंध की जांच के लिए एमएमएमयूटी के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लेने का फैसला लिया है। इसी क्रम में परियोजना प्रबंधक की ओर से विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखा गया है।
रामगढ़ ताल परियोजना प्रबंधक रतनसेन सिंह ने कहा कि रामगढ़ताल से उठ रही दुर्गंध की जांच के लिए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ की सहायता मांगी गई है। विशेषज्ञ जल्द ही इसकी जांच करेंगे।
एमएमएमयूटी शिक्षक प्रो. गोविंद पांडेय ने कहा कि एमएमएमयूटी के कुलपति ने रामगढ़ताल से उठ रही दुर्गंध की जांच के लिए मुझे नामित किया है। रामगढ़ताल परियोजना प्रबंधक के साथ विभिन्न इलाकों में जाकर जांच की जाएगी। सैंपल इकट्ठा किया जाएगा। सैंपल की जांच के बाद तत्कालिक और दीर्घकालिक उपाय के संबंध में सुझाव दिया जाएगा।