गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में सत्र 2026-27 से ''एमटेक इन स्पेस टेक्नोलॉजी'' कोर्स शुरू हो रहा है। इसके संचालन को लेकर अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने मंजूरी दे दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग इस कोर्स का संचालन करेगा।
एमएमएमयूटी प्रशासन ने इस कोर्स का समन्वयक इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसके सोनी और सह समन्वयक डॉ. विजय कुमार वर्मा को बनाया है। एमटेक इन स्पेस टेक्नोलॉजी विषय में 18 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। कोर्स के डिजाइन से लेकर अन्य तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
एमटेक इन स्पेस टेक्नोलॉजी से इंटेलिजेंस एवियोनिक्स, स्पेस रोबोटिक्स और यूएवी सिस्टम की विशेषज्ञता हासिल होगी। कोर्स को राष्ट्रीय मिशनों और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें उपग्रह प्रणालियों और अंतरिक्ष मिशन डिजाइन, एवियोनिक्स और एम्बेडेड सिस्टम ड्रोन प्रौद्योगिकी मार्गदर्शन, नेविगेशन और नियंत्रण, अंतरिक्ष रोबोटिक्स, एआई एंड मशीन लर्निंग ऑन एयरोसपेस के लिए प्रयोगशालाएं होंगी। इनमें छात्र अनुसंधान, जोखिम प्रमुख शोध प्रबंध व परियोजना कार्य कर सकेंगे।
ये अभ्यर्थी होंगे अर्ह
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इंस्ट्रुमेंटेशन, रोबोटिक्स या संबंधित विषयों में बीटेक/बीई उत्तीर्ण छात्र इसके लिए अर्ह होंगे। गेट या सीयूईटी पीजी या मालवीय प्रवेश परीक्षा (एमईटी) की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इस कोर्स की अवधि दो वर्ष (चार सेमेस्टर) की होगी।
बोले कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने बताया कि स्पेस टेक्नोलॉजी पर नए सत्र से एमटेक कोर्स शुरू हो रहा है। इस कोर्स के संचालन के लिए एआईसीटीई से मंजूरी मिल गई है। कुल 18 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। विश्वविद्यालय में स्पेस टेक्नोलॉजी का सेंटर बन रहा है। इस कोर्स के संचालन में विशेषज्ञों की मदद भी मिलेगी।