पुर्दिलपुर मोहल्ले के विशाल चार दिनों तक गोरखनाथ क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती रहे। उन्हें डेंगू जैसे लक्षण थे। जांच से लेकर दवा उपचार में कुल 22 हजार रुपये खर्च हो गए। फल बेचकर पिता राम लखन परिवार का खर्च चलाते हैं। बेटे के इलाज में वे अब कर्जदार बन गए। उनकी माली हालत खराब हो गई है। इसी मोहल्ले के राहुल डेंगू जैसे बुखार से उबरे तो उनके भाई रोहन की तबीयत बिगड़ गई। उनका उपचार चल रहा है। दोनों भाइयों के उपचार में करीब 15 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।
नहीं करा रहे जांच, मेडिकल स्टोर से खरीदकर खा रहे दवा
जाफरा बाजार मोहल्ले में करीब एक माह से लोग बुखार की मार झेल रहे हैं। कई लोग डेंगू संक्रमित हो चुके हैं। कई लोग घर पर ही बिना जांच कराए दवा खा रहे हैं। दोपहर करीब 02.20 बजे जाफरा बाजार के दो मिनारा मस्जिद के पास दर्ज गली में सन्नाटा रहा। मोहल्ले में किराना स्टोर पर शबा नाम की युवती बैठी थी। उनसे जब पूछा गया कि इस मोहल्ले में किसी को डेंगू हुआ है क्या। तो वह बोली पड़ीं.. यहां तो हर घर में एक दो बीमार हैं।
सबको डेंगू है या नहीं, इसका पता नहीं, लेकिन लक्षण बिल्कुल वैसे ही हैं। कुछ लोगों ने इस डर से जांच नहीं कराई कि अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। जबकि कुछ लोग रुपये के अभाव में मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे हैं। लोगों ने कहा कि सब कुछ होने के बावजूद साफ सफाई और फॉगिंग का कोई इंतजाम नहीं है। कमोबेश यही हालत शहर के बेतिहायाता, पादरी बाजार, चक्सा हुसैन आदि मोहल्लों की है।