कोरोना संकट की वजह से मार्च से ही स्कूल बंद चल रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसे लेकर ऑनलाइन पढ़ाई को विकल्प के तौर पर तैयार किया गया। यह शिक्षित करने में बेहतर माध्यम साबित हो रही है। विभिन्न प्रकार के शैक्षिक चैनल, यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेज, दीक्षा एप, मिशन प्रेरणा के चैनल्स बच्चों के ऑनलाइन शैक्षिक गतिविधियों में काफी कारगर सिद्ध हो रहे हैं।
ऐसा बिल्कुल नहीं हैं कि कोरोना संकट के बाद ऑनलाइन पढ़ाई का सिलसिला खत्म होने वाला है। नई शिक्षा नीति के तहत अब पूरे साल होने वाली पढ़ाई के सिलेबस का 25 फीसदी हिस्सा ऑनलाइन ही पढ़ाया जाएगा, वहीं ऑनलाइन टेस्ट की भी व्यवस्था होगी।
यही वजह है कि सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड से संचालित स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देनेे पर जोर है। स्कूल भी अपने यहां शैक्षिक स्टूडियो, विभिन्न एप की मदद से लाइव क्लास, व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से खुद को अपग्रेड कर रहे हैं। बच्चों की आंखों या मन पर ऑनलाइन पढ़ाई का दुष्प्रभाव न पड़े, इसलिए पढ़ाई के घंटे तक निर्धारित किए गए हैं।
ऑनलाइन क्लास को अटेंडेस का हिस्सा माना जाना अनिवार्य किया गया है। इसका जिक्र नई शिक्षा नीति के अंदर मौजूद है। नई नीति के अंतर्गत बच्चों को परीक्षाओं के दौरान दो तरह के पेपर मिलेंगे। इनमें बहुविकल्पीय के साथ विवरणात्मक सवालों को भी शामिल किया जाएगा। जिम्मेदारों की मानें तो ये बहुविकल्पीय सवालों को ऑॅनलाइन टेस्ट के लिए तैयार किया जा रहा है।