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यात्रीगढ़ कृपया ध्यान दें..., आपकी ट्रेन कहां, यहां से जान सकते हैं लाइव लोकेशन

Sat, 22 Aug 2020 09:48 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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ट्रेन स्टेशन से छूटने के बाद कहां पहुंची इसकी लाइव लोकेशन अब यात्री जान सकेंगे। इसे लेकर ट्रेनों में नेशनल ट्रेन इंक्वायरी अपग्रेड किया जा रहा है। इससे ट्रेनों की रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम (आरटीईएस) मिल सकेगी।

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इसके लिए इंजनों में एक डिवाइस लगाई जाएगी, जो जीपीएस के आधार पर ट्रेनों की गति पढ़कर अपडेट करता रहेगा। ऐसे में ट्रेन स्टेशन से छूटने के बाद कहां पहुंची, यह सब यात्रियों को पता चल सकेगा। जबकि अभी तक केवल स्टेशन से स्टेशन तक ही जानकारी मिलती थी।

जानकारी के मुताबिक, रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम 2700 इलेक्ट्रिक इंजनों में अब तक लगाया जा चुका है। दूसरे चरण में 6000 इंजनों में इसे और लगाया जाएगा। सभी इंजनों में लगने से यह पूरी तरह से काम शुरू कर देगा।
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खास बात यह है कि, रेलवे की पहल पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ट्रेनों की जीपीएस के आधार पर निगरानी करेगा। इसरो ने सेटेलाइट के जरिए इस पर काम करना शुरू कर दिया है। जबकि अब तक एनटीईएस (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम) के जरिए ट्रेनों की लोकेशन पता चलती थी।

 

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क्या है रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम

इसके लिए यार्ड या स्टेशन पर ट्रेन के प्रवेश करने के समय डाटा कंट्रोल रूम में बैठा कंट्रोलर सिस्टम पर फीड करता है। इसके बाद स्टेशन से स्टेशन की लोकेशन पता चलती है।

सेटेलाइट के जरिए ट्रेनों की ट्रैकिंग होगी। इसमें इंजनों में एक डिवाइस फिट किए जा रहे हैं। यह डिवाइस सेटेलाइट के जरिए ट्रेनों की एक-एक पल की लोकेशन सिस्टम में ऑटोमेटिक फीड करता जाएगा। इससे यात्रियों को ट्रेनों की एक-एक पल की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।  

सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि रियल टाइमइंफॉर्मेशन सिस्टम से ट्रेनों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस पर काम शुरू हो चुका है। इस सुविधा से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब तक 2700 इंजनों में डिवाइस लगाया जा चुका है।
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