गोरखपुर। शहर के प्रदूषण की सटीक जानकारी अब रेलवे स्टेशन परिसर से मिल जाएगी। यहां गेट नंबर एक पर पर्यावरण निगरानी तंत्र स्थापित कर दिया गया है। आम लोगों को जानकारी मिल सके इसके लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाया गया है।
शहर में अभी तक तीन स्थान मदन मोहन मालवीय प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोलघर और गीडा में पर्यावरण निगरानी तंत्र लगाया गया है। लेकिन तीनों जगहों पर डिस्प्ले बोर्ड पर प्रदर्शित नहीं होता है सिर्फ विशेषज्ञ ही मापन कर डेटा एकत्र करते हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में लगे पर्यावरण निगरानी तंत्र को डिस्प्ले बोर्ड से जोड़ा गया है। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की जानकारी मिल रही है। इसके साथ ही कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड के स्तर का भी पता चला रहा है। वहीं, पार्टिकुलेट मैटर ( पीएम 2.5) और (पीएम 10) कणों के मात्रा की जानकारी हो रही है।
लखनऊ मंडल के डीआरएम गौरव अग्रवाल ने कहा इस अत्याधुनिक प्रणाली से स्टेशन परिसर में यात्रियों, रेल कर्मचारियों तथा आमजन को पर्यावरण की सटीक जानकारी मिलेगी जिससे वह स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में सभी महत्वपूर्ण मानक पर्यावरणीय अनुकूल हैं। उन्होंने बताया कि तीन अन्य स्थानों पर शीघ्र ही पर्यावरण निगरानी तंत्र लगाए जाएंगे।