राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय गौनर बाबू विशुनपुरा में बवाल में एक प्रवक्ता व आठ छात्रों पर दर्ज केस के बाद उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया। प्रभारी प्रधानाचार्य ने छात्रों को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर इससे अवगत कराया है। पत्र के जरिये बताया कि जांच पूर्ण होने तक विद्यालय में प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 20 सितंबर की शाम साढ़े सात बजे विद्यालय के छात्रों ने जमकर बवाल काटा था। आक्रोशित छात्रों ने तैयार भोजन को रसोई घर के फर्श पर पलटने के साथ कैंपस व प्रधानाचार्य आवास में तोड़फोड़ की थी। इसके बाद छात्र धरने पर बैठ गए थे। एसडीएम शिवम सिंह ने छात्रों को किसी तरह मना कर भोजन के लिए तैयार किया था। छात्रों को लगा था कि एसडीएम की मौजूदगी में जो बातें हुईं हैं उससे उनकी समस्याओं का हल हो जाएगा।
इस मामले में अगले दो दिन बाद विद्यालय के संविदा गणित प्रवक्ता श्रीराम सिंह को घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए छात्र अनुज राजभर, नीलेश गुप्ता, अमरजीत, विकास, धीरज, रविशंकर, अतुल और रामाश्रय कुमार के खिलाफ आपराधिक साजिश, लूटपाट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया गया था।
पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इसके बाद विद्यालय प्रशासन ने छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए नामजद सभी छात्रों के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय गौनर के छात्रों के खिलाफ जो अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है वह निदेशालय के निर्देश पर की गई है। जब तक पूरे घटनाक्रम की जांच पूरी नहीं हो जाती है तब तक आरोपी छात्रों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
- ईश्वरचंद जायसवाल, प्रधानाचार्य