बसंतपुर चौराहे के पास वीना (59) बेटी नीशू वर्मा के साथ रहती है। पति परविंदर वर्मा की सोने-चांदी की दुकान थी, लेकिन उनकी मौत हो चुकी है। अब उनके भाई दुकान चलाते हैं। बृहस्पतिवार को नीशू बाजार गई थीं। शाम को पांच बजे बेटी घर पहुंची तो घर का दरवाजा खुला था। आवाज देने पर मां कुछ नहीं बोली।
इसके बाद नीशू ऊपर वाले कमरे में गई तो मां वीना बेहोश पड़ी थीं। नीशू के शोर मचाने पर आसपास के लोग आ गए और फिर महिला का हाथ पैर खोला गया। होश आने पर महिला ने खुद के साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी।
देर शाम नीशू उर्फ नेहा वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि उनकी बुजुर्ग मां घर पर अकेली थीं। दोपहर में दो बजे एक अनजान व्यक्ति आकर दरवाजा खुलवाया। वह हेलमेट पहने था। मां ने काम पूछा तो उसने कहा कि लक्ष्मी शंकर श्रीवास्तव ने भेजा है, आपका मकान देखना है। इसके बाद वह घर में दाखिल हो गया।
बदमाश मां को लेकर ऊपरी मंजिल पर गया और कमरे में ले जाकर पिटाई की। चाकू की नोक पर बंधक बना लिया। इसके बाद अलमारी से जेवर व रुपये निकाल लिए। पुलिस की जांच में सामने आया है कि लक्ष्मी शंकर लेखपाल है और पहले महिला के घर में किराएदार था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही बदमाश को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
राजघाट इलाके के बसंतपुर पुलिस चौकी से तीन सौ मीटर की दूरी पर वारदात को लेकर पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। दरअसल, नौ साल बाद इस तरह की वारदात शहर में सामने आई है। हालांकि, शुरुआती जांच में आपसी विवाद में वारदात के एंगल पर पुलिस काम कर रही है। पता चला है कि दुकान व मकान को लेकर कुछ विवाद भी अपनों से चल रहा है। फिलहाल, पुलिस सभी बिंदुओं पर काम कर रही है।
अब पुलिस सीसी टीवी कैमरे व अन्य स्रोतों की मदद से बदमाश की तलाश में जुटी है। पुलिस को एक संदेह और है कि घटना में एक से अधिक लोग रहे हों। दूसरे पुलिस पुराने विवाद के बिंदु पर भी जांच कर रही है। पुलिस को यह भी संदेह है कि कहीं बदमाश की नीयत महिला को मारना तो नहीं था, सामान बिखरा कर लूट दिखाने की कोशिश की हो। फिलहाल, पुलिस अभी सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस की कोशिश है कि पहले बदमाश तक पहुंचा जाए, उसके बाद ही घटना की असल वजह सामने आ पाएगी।
भीड़भाड़ वाले इलाके में घटना से सभी हैरान
बसंतपुर पुलिस चौकी से महज तीन सौ मीटर की दूरी पर बृहस्पतिवार को जिस तरह से बदमाशों ने एक घर में घुसकर लूटपाट की, उसने पुलिस की सतर्कता की पोल खुल गई। सोना मंडी समेत सभी बाजारों में अफसर पुलिस को सक्रिय रहने को कहते हैं तो वहीं, बसंतपुर चौक पर पिकेट होने के बाद भी पुलिस ड्यूटी में मनमानी करती है। इसी का फायदा बृहस्पतिवार को बदमाश दिनदहाड़े लूटपाट की घटना कर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार को पिकेट पर कोई पुलिसकर्मी नहीं थे।
लंबे समय बाद हुई इस तरह की वारदात
बसंतपुर में पूरे दिन भीड़ होती है। इसके बीच बेखौफ बदमाश घर में दाखिल होकर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। करीब नौ साल बाद इस तरह की वारदात शहर में हुई है। 2013 में कोतवाली इलाके में बदमाशों ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया था।