गोरखपुर के रामगढ़ताल से तरकुलानी रेगुलेटर तक करीब 15 किमी लंबे नाले की सफाई और मरम्मत के लिए जल्द शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देश जारी किया है। साथ ही इसपर हुए अतिक्रमण को भी हटाने को कहा है।
इसके लिए सिंचाई विभाग संबंधित लोगों, संस्था को जल्द नोटिस जारी करेगा। नाले का सीमांकन होगा। साथ ही नाले के दोनों तरफ 10-10 मीटर के क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित किया जाएगा ताकि इसकी सफाई में कोई दिक्कत न हो। नाले तक जेसीबी और पोकलेन मशीन आसानी से जा सके।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बृहस्पतिवार की शाम सिंचाई विभाग के अभियंताओं के साथ औचक रामगढ़ताल से तरकुलानी रेगुलेटर तक जाने वाले नाले का निरीक्षण किया। वह सबसे पहले सहारा इस्टेट से ठीक पहले स्थित पुल के पास पहुंचे। वहां से सिक्टौर, ताल कंदरा होते हुए तरकुलानी रेगुलेटर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चार-पांच स्थानों पर गाड़ी रोककर नाले का निरीक्षण किया।
जगह-जगह नाले की जमीन पर अतिक्रमण देख उन्होंने नाराजगी जताई। सिंचाई विभाग के एक्सईएन रूपेश खरे को निर्देश दिया कि नाले की जमीन पर निर्माण कराने वाले सभी लोगों को नोटिस दिया जाए और तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
निरीक्षण में पाया गया कि कुछ बिल्डरों के साथ ही स्कूल और स्थानीय लोगों ने नाले की जमीन पर कई जगह निर्माण करा रखा है जिससे नाले का स्वरूप सिकुड़ गया है। यही नहीं नाले की आसानी से सफाई हो सके इसलिए कमिश्नर ने नाले के दोनों तरफ 10-10 मीटर के क्षेत्र को नो कंस्ट्रक्शन जोन घोषित करने का निर्देश दिया। उन्होंने एसडीएम सदर से मोबाइल फोन पर बात कर नाले का सीमांकन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने बताया कि नाले की सफाई के लिए 60 लाख का बजट मिला है। इसपर कमिश्नर ने नाले की मरम्मत और सफाई के लिए फिर से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वह खुद भी शासन में बात कर बजट पास कराएंगे। उन्होंने कहा कि तारामंडल क्षेत्र समेत तमाम इलाकों का पानी इस नाले से होकर रेगुलेटर तक आता है। ऐसे में जलभराव की समस्या रोकने के लिए इस नाले की मरम्मत व नियमित सफाई बहुत जरूरी है।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने कहा कि जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए रामगढ़ताल से लेकर तरकुलानी रेगुलेटर तक जाने वाले नाले का निरीक्षण किया गया। नाले पर कई जगह अतिक्रमण पाया गया। सिंचाई विभाग के एक्सईएन को निर्देश दिया गया है कि वे संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर अतिक्रमण हटाएं। एसडीएम को नाले का सीमांकन कराने के निर्देश दिए गए हैं। नाले की अच्छे से सफाई व मरम्मत के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने को भी कहा गया है। बारिश से पहले नाले की सफाई का काम पूरा हो जाएगा ताकि लोगों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।