साइबर अपराधियों के सर्वाधिक शिकार शिक्षित, नौकरीपेशा, संपन्न वर्ग के लोग और महिलाएं हैं। ये लोग इंटरनेट सुविधाओं का उपयोग ज्यादा करते हैं, इसलिए साइबर अपराधियों के हमले उन पर ही ज्यादा होते हैं।
ये बातें साइबर पुलिस शाखा के उपनिरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह ने कहीं। वह दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित ‘साइबर सुरक्षा: चुनौतियां एवं विकल्प’ विषयक विशेष व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन में कोई भी सेंसटिव डाटा नहीं रखना चाहिए।
टू वे वेरिफिकेशन अपने फोन पर अनिवार्य रूप से एक्टिव करें। फोन मेमोरी में बैंक खातों, आधार नंबर, महत्वपूर्ण सूचनाएं न रखें। महिलाएं अपना प्रोफाइल लॉक रखें और गैरजरूरी तथा अविश्वसनीय एप्स न डाऊनलोड करें, क्योंकि ऐसे ज्यादातर एप्स आपकी निजी सूचनाओं और डेटा सुरक्षा में सेंधमारी करने के लिए बनाए जाते हैं।
विभागाध्यक्ष प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में साइबर क्राइम में पांच गुना वृद्धि हुई है। स्मार्ट फोन के चलते अब हर कोई इस खतरे की जद में है। आभार ज्ञापन प्रो. श्रीनिवास मणि त्रिपाठी और कार्यक्रम का संचालन डॉ. आरती यादव ने किया।
इस अवसर पर प्रो. प्रदीप कुमार यादव, प्रो. विनोद कुमार सिंह, डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. विजय कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।