गोरखपुर बिजली निगम वितरण खंड तृतीय में तैनात कैशियर इफ्तेखार पर 43.29 लाख रुपये का गबन का आरोप लगा था। इसमें तीन सदस्यी कमेटी ने जांच में इफ्तेकार को आरोपी पाया था। इसके बाद 1 फरवरी को ही उसके बर्खास्तगी के लिए डीस्कॉम में अधीक्षण अभियंता व मुख्य अभियंता ने पत्र भेज दिया था। एक महीने से अधिक होने के बाद अभी तक बर्खास्तगी नहीं हो सकी।
दरअसल, नगरीय विद्युत खंड तृतीय मोहद्दीपुर में इफ्तखार अहमद सिद्दकी कैशियक पद पर थे। इन्होंने अपने सेवाकाल में कई रसीद बुक बंडल आवंटित करवाया था। कॉरपोरेशन की तरफ से मार्च 18 में ही मैनुअल रसीद को बंद कर सिस्टम को अपडेट कर कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया। लेकिन इफ्तेखार ने रसीद को जमा करने की जगह से इसी रसीद के माध्यम से लोगों के बिल जमा करने के साथ अन्य विभागीय लेनदेन जारी रखा।
अक्तूबर-18 में कॉरपोरेशन ने मैनुअल रसीद बुक बंडल का हिसाब मांगा। रसीद बुक सभी कर्मचारियों से मांगी जाने लगी। कर्मचारी रसीद बुक जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाए। जुलाई-19 में तृतीय खंड के नवागत एकउंटेंट ने खंड में जमा रसीद बुक व आवंटित रसीद बुकों की मिलान की। इसमें करीब 15 रसीद बुक बंडल से गायब मिले।