विभागीय आंकड़ों के मुताबिक विकास खंड देवरिया सदर की 13, गौरीबाजार की 14, बैतालपुर की 11, देसही देवरिया की 10, तरकुलवा की 13, पथरदेवा की छह, रामपुर कारखाना की पांच, लार की आठ, भागलपुर की आठ, भलुअनी की 15, भटनी की आठ, रुद्रपुर की छह, बनकटा की 13, बरहज की आठ, सलेमपुर की आठ, भाटपाररानी की 11 ग्राम पंचायतों की शिकायतों की जांच 20 माह से अधिक समय से लटकी पड़ी है।
इनमें से सिर्फ डीसी मनरेगा ने सलेमपुर के देउरवा उर्फ शामपुर, रुद्रपुर के सराव बुजुर्ग में त्रिस्तरीय समिति गठित करने का आदेश दिया है। जांच की जिम्मेदारी जिला युवा कल्याण अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, जिला उद्यान अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अधीक्षण अभियंता ग्राम्य अभियंत्रण सेवा, जिला सेवा योजन अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला कृषि अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला गन्ना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, एडीएम प्रशासन, डीसी मनरेगा, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, अधीक्षण अभियंता नलकूप, अधीक्षण अभियंता विद्युत आदि को सौंपी गई है।
जिला पंचायत राज अधिकारी आनंद प्रकाश ने कहा कि तकरीबन 200 ग्राम पंचायतों में अनियमितता की शिकायतें मिली हैं। इनमें 12 ग्राम प्रधानों का पॉवर सीज किया जा चुका है। भाटपार के परोहा, बैतालपुर के अकटापार सहित तीन प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में दो करोड़ की धांधली सामने आई है। पकहां और देवरिया उर्फ शामपुर गांव के ग्राम प्रधानों से वसूली की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। शंकरपुरा, कटियारी सहित 10 गांवों के प्रधानों पर कार्रवाई की तैयारी चल रही है।
मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा जीएन ने कहा कि लगभग 151 ग्राम पंचायतों की जांच अधिकारियों ने लंबे समय से लंबित रखी है। ऐसे अधिकारियों से अब स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जवाब के आधार पर इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।