गीडा में 600 से अधिक फैक्ट्रियां संचालित की जाती है। इनमें 100 से अधिक फैक्ट्रियां बड़ी हैं। हालांकि, इनमें सरिया, डिस्टलरी की फैक्ट्रियां खुद बिजली का उत्पादन करती हैं। इनका खुद का फीडर भी है। अंकुर स्टील के निदेशक निखिल जालान ने बताया कि यूनिट में खुद ही बिजली का उत्पादन होता है। इस वजह से सप्लाई बाधित नहीं हुई। छोटी यूनिटों पर बिजली कटौती का असर ज्यादा रहा है।
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नुकसान की भरपाई के लिए कराएंगे ओवरटाइम
चैंबर ऑफ इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने बताया कि नुकसान की भरपाई के लिए ओवरटाइम कराना पड़ेगा। इसकी बड़ी वजह मार्च का महीना है। इस महीने में हर उद्यमी के पास माल की सप्लाई करने का दबाव होता है। डिलीवरी का समय तय होता है। ऐसी स्थिति में ओवरटाइम कराना मजबूरी है।
चैंबर ऑफ इंडस्ट्री उपाध्यक्ष आरएन सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से तीन दिन बिजली की कटौती हुई, जिससे गीडा के उद्यमियों को 200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मार्च माह में इस नुकसान ने ज्यादा दिक्कत कर दी है। रविवार को कई बड़ी फैक्ट्रियां पूरे दिन बंद रहीं। इस वजह से काफी नुकसान हुआ है।