बिजली निगम वितरण खंड तृतीय में तैनात रहे कार्यकारी सहायक इफ्तेखार अहमद सिद्दीकी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इफ्तेखार अहमद पर पद पर रहते हुए 40.02 लाख रुपये के गबन का आरोप है। तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच में इफ्तेखार को दोषी पाया। इसके बाद एमडी की ओर से जारी निर्देश पर अधीक्षण अभियंता शहरी ने कार्रवाई की।
कारपोरेशन की तरफ से मार्च 2018 में ही मैनुअल रसीद को बंद कर सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया। लेकिन, इफ्तेखार ने रसीद के माध्यम से बिल जमा करने के साथ अन्य विभागीय लेनदेन जारी रखा। अक्तूबर 2018 में कारपोरेशन ने मैनुअल रसीद बुक बंडल का हिसाब मांगा। जांच में करीब 15 रसीद बुक बंडल से गायब मिले।
फरवरी 2020 में इफ्तेखार के पास से 15 रसीद बुक बंडल बरामद किए गए। मिलान करने पर इन रसीद बुक पर जमा 40.02 लाख रुपये निगम के खाते में जमा नहीं होने की बात सामने आई। निगम की तरफ से दोषी के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज करवा दिया गया था। विभागीय जांच के बाद सोमवार को इफ्तेखार की बर्खास्तगी की रिपोर्ट आ गई।