फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur: गबन के आरोपी बिजली कर्मी की सेवा समाप्त, रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई

Tue, 26 Jul 2022 10:42 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।

सार

मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि इफ्तेखार को गबन के आरोप में बर्खास्त किया गया है। अधीक्षण अभियंता की तरफ से उसका निलंबन पहले ही किया जा चुका था। आरोपी से गबन की धनराशि को ब्याज के साथ वसूला जाएगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजली निगम वितरण खंड तृतीय में तैनात रहे कार्यकारी सहायक इफ्तेखार अहमद सिद्दीकी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इफ्तेखार अहमद पर पद पर रहते हुए 40.02 लाख रुपये के गबन का आरोप है। तीन सदस्यीय कमेटी ने जांच में इफ्तेखार को दोषी पाया। इसके बाद एमडी की ओर से जारी निर्देश पर अधीक्षण अभियंता शहरी ने कार्रवाई की।

विज्ञापन


कारपोरेशन की तरफ से मार्च 2018 में ही मैनुअल रसीद को बंद कर सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड कर दिया गया। लेकिन, इफ्तेखार ने रसीद के माध्यम से बिल जमा करने के साथ अन्य विभागीय लेनदेन जारी रखा। अक्तूबर 2018 में कारपोरेशन ने मैनुअल रसीद बुक बंडल का हिसाब मांगा। जांच में करीब 15 रसीद बुक बंडल से गायब मिले।

फरवरी 2020 में इफ्तेखार के पास से 15 रसीद बुक बंडल बरामद किए गए। मिलान करने पर इन रसीद बुक पर जमा 40.02 लाख रुपये निगम के खाते में जमा नहीं होने की बात सामने आई। निगम की तरफ से दोषी के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज करवा दिया गया था। विभागीय जांच के बाद सोमवार को इफ्तेखार की बर्खास्तगी की रिपोर्ट आ गई।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

ब्याज सहित कुल 75 लाख रुपये वसूले जाएंगे

जांच रिपोर्ट में इफ्तेखार अहमद पर कुल 75 लाख रुपये से अधिक की देनदारी तय की गई है। इसमें 40,02,948 रुपये गबन की धनराशि है। इसके अलावा ब्याज के तौर पर 35,88,569 रुपये वसूले जाएंगे। इसी तरह कुल 75,91,517 लाख रुपये की देनदारी आरोपी इफ्तेखार पर निर्धारित की गई है।

कैंट पुलिस ने कोर्ट में पेश की चार्जशीट

गबन मामले में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। क्षेत्राधिकारी कैंट की तरफ से मामले की चार्जशीट न्यायालय में जमा करवाई जा चुकी है।  

मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि इफ्तेखार को गबन के आरोप में बर्खास्त किया गया है। अधीक्षण अभियंता की तरफ से उसका निलंबन पहले ही किया जा चुका था। आरोपी से गबन की धनराशि को ब्याज के साथ वसूला जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें