गीडा के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को 27 करोड़ रुपये से दुरुस्त किया जाएगा। इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है। अगले सप्ताह इस कार्य के लिए टेंडर भी हो जाने की उम्मीद है। योजना के तहत 12 करोड़ रुपये से आवासीय क्षेत्र के अलावा छोटे औद्योगिक क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार के काम होंगे। वहीं 15 करोड़ रुपये गीडा औद्योगिक इलाके में खर्च होंगे।
गीडा के उद्यमियों की बिजली संबंधी समस्याओं को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया। इसका संज्ञान लेकर तीन दिन पहले अधीक्षण अभियंता ग्रामीण द्वितीय ने अधिशासी अभियंता गीडा और उपखंड अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। इस दौरान गीडा बिजली घर से फैक्ट्रियों तक आने वाली लाइन, फीडर पर आपूर्ति का भार और नई लाइन के साथ एलटी लाइन की समीक्षा की गई। अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा ने बताया कि पहले गीडा औद्योगिक और आवासीय क्षेत्र में बिजली सुधार के काम 12 करोड़ रुपये से किए जाने थे। पिछले दो दिनों में सर्वे के बाद बुधवार को सिर्फ गीडा औद्योगिक में बिजली आपूर्ति को पहले से बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग काम चिह्नित कर उन कामों का इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि इसमें तीन फीडरों में बिजली आपूर्ति का लोड अधिक पाया गया है, जिन्हें बांटकर छह किया जाएगा। अर्थात तीन नए फीडर बनाए जाएंगे। इसके अलावा बिजली घर से फैक्ट्रियों तक आने वाली 20 किलोमीटर एचटी लाइन को अंडरग्राउंड किया जाएगा। साथ ही कुछ नई लाइनें भी बनाई जाएंगी। वहीं, फीडर से फैक्ट्रियों तक जाने वाली लाइन को भी बदला जाएगा। पुराने जर्जर तारों को हटाया जाएगा। बिजली के खंभे पर लगे पुराने इंसुलेटर बदले जाएंगे। वहीं, आवासीय इलाकों की बिजली फीडरों के लोड की गणना करने के साथ वहां भी कुछ दूरी तक अंडरग्राउंड तार बिछाने के साथ नई एलटी लाइन खींची जाएगी। इन कार्यों के लिए और 15 करोड़ का इस्टीमेट तैयार किया गया है।
अधिशासी अभियंता करेंगे गीडा उद्यमियों से संवाद
अधिशासी अभियंता सोमदत्त शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही गीडा के उद्यमियों से संवाद स्थापित किया जाएगा। आमने-सामने बैठकर उद्यमियों की समस्याएं सुनने के साथ उन्हें सुरक्षा मानकों के तहत ही बिजली उपभोग करने की सलाह दी जाएगी। इसके अलावा उनके अन्य सुझावों पर भी विचार किया जाएगा। उद्यमियों को बेहतर बिजली मिल सके, उनका उद्योग एक अलग पहचान बनाए, ये हम सभी का प्रयास रहेगा।