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यूपी: यहां गांव तो हो रहे रोशन पर निगम को लग रही करोड़ों की चपत, जानिए क्या है इसकी खास वजह

Tue, 08 Dec 2020 04:47 PM IST
vivek shukla विनोद कुमार तिवारी, देवरिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मुफ्त की बिजली से गांव तो जगमग हो रहे हैं, लेकिन इसके चलते बिजली निगम को लंबी चपत लग रही है। ग्राम प्रधानों ने 2016 से पथ प्रकाश के नाम पर गांव के सार्वजनिक स्थानों, सड़कों पर स्ट्रीट लाइट तो लगवा दी, पर इसके लिए न तो बिजली का कनेक्शन लिया और न ही इस मद में एक रुपये भी भुगतान किया। ऐसे में बिजली निगम को हर वर्ष करोड़ों की चपत लग रही है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। इस मामले में प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के नाराजगी जताने के बाद विभाग में खलबली मच गई है।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2015 के अंतिम माह में हुआ था। जनवरी 2016 में पंचायतों की खुली बैठकें हुईं। इसमें पंचायतों ने 14वें वित्त आयोग के मद से पथ प्रकाश व्यवस्था के तहत प्रस्ताव पास कर हर गांव में 10 से 50 तक स्ट्रीट लाइटें लगवाईं।

बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार एक ग्राम पंचायत में एक दिन में दस यूनिट बिजली की खपत हो रही है। यानी तकरीबन 200 रुपये प्रतिदिन और छह हजार रुपये प्रतिमाह की बिजली एक ग्राम पंचायत में जल रही है।
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अगर जिले की 1189 ग्राम पंचायतों की बात करें तो कुल मिलाकर तकरीबन 71 लाख 34 हजार का चूना बिजली निगम को प्रतिमाह लग रहा है। प्रति वर्ष यह धनराशि आठ करोड़ 56 लाख रुपये बैठती है पर इसे लेकर न तो निगम के अधिकारी गंभीर थे और न ही पंचायत राज अधिकारी की तरफ से कभी कोई निर्देश जारी किया गया।
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आखिर कौन है जिम्मेदार

दो से पांच हजार रुपये बकाया होने पर किसानों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया जा रहा है। बिजली निगम अभियान चलाकर चोरी की बिजली जलाने वालों पर कार्रवाई कर रहा है, लेकिन करोड़ों की बिजली खुलेआम जलाई जा रही है और इस ओर कोई ध्यान देने वाला नहीं है। ग्राम प्रधानों का तर्क है कि उन्हें सार्वजनिक बिजली जलाने की छूट है, इसीलिए उन्होंने कनेक्शन नहीं लिया। रही निगम की बात तो उसकी ओर से कोई बिल एवं नोटिस भी कभी जारी नहीं किया गया।
 
पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने बताया कि ग्राम प्रधान ने सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाई हैं। इसके लिए अगर कोई दोषी है तो वह है बिजली निगम। ग्राम प्रधानों को इस संबंध में न तो कोई जानकारी दी गई, न नोटिस और न ही बिजली का बिल। अगर ऐसा कोई नियम है तो बिजली निगम बिल दे, भुगतान किया जाएगा।
 
बिजली निगम के अधिशासी अभियंता रामसेवक राम ने बताया कि ग्राम प्रधानों से कनेक्शन लेने के लिए कई बार कहा गया है। अब लाइन कटवाई जा रही है। एफआईआर भी दर्ज कराई जा रही है। ग्राम प्रधानों से कहा गया है कि कनेक्शन लेकर ही लाइट जलाएं। जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से भी इस बाबत निर्देशित कराया जा चुका है।
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